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आज, व्यवसाय और उद्यमिता लिंगभेद द्वारा परिभाषित नहीं होती. भारत में, पारंपरिक मानसिकता अक्सर व्यवसायों और अन्य उद्यमी गतिविधियों में अधिक महिलाओं के प्रवेश के लिए बाधा बनती है. कुछ महिला उद्यमी इससे ऊपर उठ रही हैं और अपनी विशुद्ध कड़ी मेहनत एवं नवाचार के कारण ध्यान आकर्षित कर रही हैं. बदलते दौर ने आईटी, वित्त, फैशन, खेलों, आदि जैसे विभिन्न व्यावसायिक कार्यक्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ा दिया है.

सफलता की निम्न कहानियां सिद्ध करती हैं कि एक सच्ची उद्यमी विशुद्ध दृढ़ता के साथ चुनौतियों का सामना करने में सफल हो जाती है. यहां कुछ सफल महिला उद्यमियों की एक झलक दी गई है जो सच्ची आदर्श हैं.

 

नीना लेखी, बैगिट की संस्थापक

नीना लेखी भारत के सबसे लोकप्रिय खुदरा ब्रांड्स में से एक की निर्माता हैं. 18 वर्ष की आयु में, नीना और उनके दोस्त/उनकी सहेली को संयोग से ‘ठाठ के साथ बैग्स (बैग्स विद् ऐटिट्यूड)’ बनाने का विचार आया और इस प्रकार शुरू हुआ हैंडबैग का एक साम्राज्य. उन्होंने कैनवास, कृत्रिम चमड़े और अन्य सामग्रियों के साथ प्रयोग करना और विभिन्न स्रोतों से प्रेरणा प्राप्त करना शुरू किया.

रंगों के लिए उनका प्यार बैगिट के मूल सिद्धांतों में से एक है. इस ब्रांड की आज एक अंतर्राष्ट्रीय पहचान है और नियमित उपयोगकर्ताओं एवं कट्टर फैशनपरस्तों के बीच समान रूप से सम्मानित है.

 

पूजा ढींगरा, शेफ और ला15 पैटिसरी की संस्थापक

2010 में स्थापित, ला15 पैटिसरी भारत की सबसे प्रसिद्ध पैटिसरीज़ में से एक है. असाधारण शेफ, पूजी ढींगरा ला कोर्डोन ब्ल्यू, पेरिस से स्नातक हैं. यह सब फ्रेंच के उत्कृष्ट स्वाद को मुंबई लाने के एक इरादे से शुरू हुआ.

आज, यह मैकरूनों, कपकेकों, चॉक्स पेस्ट्रियों, टार्ट्स, केक्स और अन्य मीठी दावतों जैसी स्वादिष्ट मिठाईयां पेश करती है. पूजा 2014 में फोर्ब्स की प्रतिष्ठित ’30 में 30 (थर्टी अंडर थर्टी)’ सूची में चित्रित की गई थीं. पेंग्विन बुक्स इंडिया ने उनकी पहली भोजपुस्तिका (कुकबुक), दि बिग बुग ऑफ ट्रीट्स प्रकाशित की.

 

राधिका अग्रवाल, शॉपक्लूज़ की सह—संस्थापक और सीएमओ

शॉपक्लूज़ की सह-संस्थापक के रूप में राधिका नए शुरू व्यवसाय (स्टार्टअप) क्षेत्र में आने वाली पहली महिलाओं में से एक थीं. उन्हें विपणन में लगभग 14 वर्षों का अनुभव है और वे स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के कार्यकारी कार्यक्रम का हिस्सा थीं. वर्तमान में, वे एक सीएमओ के रूप में लोकप्रिय घरेलू ऑनलाइन खुदरा व्यापार का समर्थन करती हैं.

 

चित्रा गुर्नानी डागा, थ्रिलोफिलिया की सह-संस्थापक और सीईओ

चित्रा थ्रिलोफिलिया की सह-संस्थापक और सीईओ हैं. वे इंडियन स्कूल ऑफ बिज़नेस और डीए-आईआईसीटी की पूर्व छात्रा हैं. उनकी कम्पनी का मुख्यालय बैंगलोर में है और एकल यात्रा समाधान एवं पूर्व-तैयार यात्राएं व अनुभव प्रदान करता है. इसने शुरूआत में साहसिक यात्रा की ऑनलाइन बिक्री का अनुसरण किया और फिर उसके बाद पर्यटन के अन्य क्षेत्रों में विस्तारित हुई. थ्रिलोफिलिया आज वेबसाइट पर 8000 यात्राएं पेश करता है.

 

शीतल मेहता वॉल्श, शांति लाईफ की संस्थापक

शीतल, शांति लाईफ की संस्थापक हैं, जो अल्प ब्याज के लघुवित्तीय ऋणों तक पहुंच और सुविधावंचित गांवों में प्रशिक्षण प्रदान करती है. वे लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स और अल्बर्टा विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा हैं.

शीतल ने सामाजिक उद्यमिता में अपने प्रयासों के लिए विभिन्न पुरस्कार प्राप्त किए हैं जैसे कि एशियन वूमेन पत्रिका द्वारा आंट्रेप्रेनुर ऑफ द ईयर और ‘नं. 3 वन्स टू वॉच’ यूके में सबसे शक्तिशाली एशियाई महिलाओं की सक्सेस पत्रिका का पांचवां पायदान (2006), आदि.

 

ज्योति रेड्डी, कीज़ सॉफ्टवेयर सोल्यूशंस की सीईओ

अधिक प्रेरणादायक सफलता की कहानियों में से एक है हैदराबाद के वारंगल से श्रीमति ज्योति रेड्डी की कहानी. उन्होंने 1980 के दशक के अंत में केवल 5 रुपये की दैनिक आय के साथ एक ग्रामीण कृषि मजदूर के रूप में शुरूआत की थी.

कई व्यक्तिगत और वित्तीय संघर्षों के बाद, वे आज अमेरिका में कीज़ सॉफ्टवेयर सोल्यूशंस की सीईओ हैं. वे सक्रिय रूप से बाल अधिकार समर्थन सभा (सीआरएएफ) में परोपकारी रूप से योगदान करती हैं और अनाथ बच्चों के अधिकारों एवं समुदाय सशक्तिकरण के लिए बल (फोर्स) नाम के एक दबाव समूह का गठन किया है.

न केवल ये महिला उद्यमी सफल हैं, बल्कि ये युवा महिलाओं एवं उद्यमियों की अगली पीढ़ी के लिए विश्वसनीय आदर्श और प्रेरणास्रोत भी हैं.