ताजा अपडेट के लिए सब्सक्राइब करें

Text to Identify Refresh CAPTCHA कैप्चा रीफ्रेश करें

*साइन-अप करके मैं रिलायंस मनी से ई-मेल प्राप्त करने के लिए सहमत हूं

 

SME सेक्टर को बढ़ावा और सहायता देने के लिए सरकार द्वारा शुरू किए गए विभिन्न प्रयास

भारतीय MSME सेक्टर, राष्ट्रीय आर्थिक ढांचे की रीढ़ है और इसमें 111 मिलियन से अधिक लोग नियुक्त हैं और यह भारत की GDP में लगभग 31 प्रतिशत का योगदान करता है। भारत सरकार ने देश में SME और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए अनेक उपाय प्रस्तावित और शुरू किए हैं। नौकरियों का सृजन एक बड़ी चुनौती है जिसका भारत सामना कर रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने अनेक सेक्टरों में कई सारे नए कार्यक्रमों और अवसरों की शुरूआत की है

 

SME सेक्टर को बढ़ावा और सहायता देने के लिए सरकार द्वारा शुरू किए गए कुछ प्रयासों के बारे में यहां बताया गया है

 

स्टार्ट-अप इंडिया:-

श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया स्टार्ट-अप इंडिया, तीन सिद्धांतों पर आधारित है-सरलीकरण और हैंडहोल्डिंग। फंडिंग सहायता और प्रोत्साहन। उद्योग-अकादमिक जगत की साझेदारी और इन्क्यूबेशन। स्टार्ट-अप इंडिया, अधिक विकसित औद्योगिक वृद्धि तथा SME को नया रूप देने के विज़न के साथ स्टार्ट-अप्स का वित्तपोषण करता है

 

मेक इन इंडिया:-

सितम्बर, 2014 में शुरू हुआ मेक इन इंडिया अभियान, वस्तुओं के स्थानीय निर्माण के संकल्प और इसके साथ ही विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के प्रयास के रूप में सामने आया। GDP में वृद्धि करना इसका लक्ष्य है और 25 प्रमुख सेक्टरों जैसे कि वाहन, प्रतिरक्षा निर्यात, इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियां, विमानन, कपड़ा और परिधान, तंदुरूस्ती और स्वास्थ्यसेवा इत्यादि पर यह केंद्रित है जो कि भारत को विश्व में स्टार्ट-अप के केंद्र के रूप में बढ़ावा दे रहा है। स्व-प्रमाणन अनुपालना, पूंजीगत लाभ कर जैसे करों से शुरूआती 3 प्रचालन वर्षों के दौरान छूट, 90 दिन की एक्जिट विंडो सुनिश्चित करने के लिए दिवालिया घोषित करने के नियमों में सुधार आदि इस पहल के कुछ मुख्य लाभ हैं

 

अटल इनोवेशन मिशन (AIM):-

नीति आयोग द्वारा लांच अटल इनोवेटिव मिशन, भारत में नवप्रवर्तन और उद्यमिता पर केंद्रित है। इसका अखंड ढांचा, स्कूलों में रचनात्मक तथा नवप्रवर्तक मानसिकता को बढ़ावा देने, विश्वविद्यालयों और उद्योगों में उद्यमिता को प्रोत्साहन देने, तकनीक प्रेरित नवप्रवर्तनों तथा सामाजिक और वाणिज्यिक प्रभाव वाले उत्पादों के सृजन को बढ़ावा देने पर केंद्रित है तथा इस प्रकार से नवप्रवर्तन हेतु एक प्रखर माहौल बनाना इसका ध्येय है। इसके अलावा, अटल इनक्यूबेशन सेंटर हैं, जो विशेषकर शुरूआती चरणों के दौरान कारोबारों को विकसित करने में उद्यमियों की मदद करते हैं

 

सपोर्ट टू ट्रेनिंग एंड एम्प्लॉयमेंट प्रोग्राम फॉर वूमेन (महिलाओं हेतु प्रशिक्षण एवं रोजगार सहायता कार्यक्रम)(STEP):-

STEP को खासतौर से महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए, तथा कौशल प्रशिक्षण देकर उनको सशक्त बनाते हुए मुख्यधारा के उद्योगों में लाने हेतु तैयार किया गया है। यह गरीब महिलाओं को प्रशिक्षण पाने में मदद करता है तथा उनको आत्मनिर्भर बनने में मदद करता है। देश भर में महिलाओं को कृषि, जरी काम, बागवानी, खाद्य प्रसंस्करण, हथकरघा, सिलाई, कढ़ाई व अन्य क्षेत्रों में कुशल बनाना इसका ध्येय है

 

जन धन-आधार-मोबाइल (JAM):-

वर्ष 2014 में शुरू जन धन-आधार-मोबाइल नीति में वित्तीय समावेशन (PMJDY) और बायोमीट्रिक पहचान (आधार) को जोड़ा गया है। आधार नंबर और मोबाइल नंबर को संबंधित बैंक खातों से जोड़ने से सरकार को लाभार्थियों के खातों में सब्सिडी का प्रत्यक्ष हस्तांतरण करने की सुविधा मिली है और बिचौलियों तथा लीकेज पर लगाम लगी है। इस पहल ने वित्तीय लेनदेन करना आसान बनाने के साथ-साथ पारदर्शिता को भी सुनिश्चित किया है

 

डिजिटल इंडियाः:-

1 जुलाई, 2015 को शुरू किए गए डिजिटल इंडिया का प्रमुख उद्‌देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नागरिक, उन्नत ऑनलाइन बुनियादी ढांचे तथा इंटरनेट कनेक्टिविटी के माध्यम से भारत सरकार की सभी सुविधाओं का लाभ ले सकें और तकनीक के क्षेत्र में देश को डिजिटल रूप से सशक्त बनाया जा सके। इस पहल के अंतर्गत सेवाओं की इलेक्ट्रॉनिक डिलीवरी, सभी के लिए सूचनाएं, तथा मोबाइल कनेक्टिविटी तक सार्वभौमिक पहुंच के अलावा अन्य लाभ शामिल हैं जिससे सार्वभौमिक डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा मिल रहा है

 

स्टैंड-अप इंडिया:-

अप्रैल, 2016 में शुरू स्टैंड-अप इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया के समान है लेकिन इसमें एक अंतर है। यह कार्यक्रम, महिलाओं के लिए डिजाइन किया गया है। इसके माध्यम से महिलाएं जिनमें SC/ST महिलाएं भी शामिल हैं, कृषि क्षेत्र से अलग कोई उद्यम स्थापित करने के लिए रू. 10 लाख से रू. 1 करोड़ तक का बैंक लोन प्राप्त कर सकती हैं

 

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY):-

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा संचालित PMKVY देश के युवाओं पर केंद्रित है। यह उनके सॉफ्ट स्किल बढ़ाने, निजी व्यक्तित्व बेहतर बनाने, तथा उनमें व्यवहारगत परिवर्तन लाने के लिए है, ताकि उनमें रोजगारपरकता को प्रोत्साहन मिल सके

 

राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन:-

वर्ष 2015 में शुरू यह कार्यक्रम, भारतीयों के लिए कौशल विकास और उद्यमिता विकल्पों पर केंद्रित है। कार्यशील जनसंख्या के रोजगारपरक कौशलों, तथा विविध सेक्टरों में रोजगारपरकता के बीच कन्वर्जेन्स उत्पन्न करना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्‌देश्य है

 

निष्कर्ष

SME की मदद और सहायता के लिए भारत सरकार द्वारा इन प्रयासों के अलावा अन्य अनेक नीतियां भी लागू की गई हैं