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क्या आप भी अपने कर्मचारियों को प्रोत्साहित करना चाहते हैं? हमनें यहां इसके लिए नकद पुरस्कार के अलावा दूसरे कई तरीके सुझाए हैं

किसी भी बिज़नेस का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा उसके कर्मचारी होते हैं। आपका कर्मचारी खुश है कि नहीं, यह आपके बिज़नेस की सफलता को निर्धारित करता है। उदाहरण के लिए एक 26 वर्षीय इंजीनियर, सुमन दास, जो एक राष्ट्रीय कंपनी में काम कर रहा था, ने अपने कार्यकाल के पहले 5 महीनों में काफी अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन इसके बाद उसका प्रदर्शन तेजी से गिरने लगा

एचआर के साथ हुई एक बैठक के बाद, उन्होंने खुलासा किया कि संगठन के मैनेजमेंट के कथित रवैये के कारण उन्हें लगता था कि उनकी योग्यता का सही आकलन नहीं हो रहा है

एक सर्वेक्षण के अनुसार, 39% कर्मचारियों को लगता है कि उनके काम की पूरी कद्र नहीं की जा रही है, 77% का मानना है कि अगर उन्हें उनकी मेहनत के लिए क्रेडिट दिया जाए तो वे कहीं बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं

वे कर्मचारी जो भावनात्मक सत्यापन और प्रोत्साहन चाहते हैं, उनके लिए नकद पुरस्कार और बोनस ज्यादा महत्व नहीं रखते। यहां पर हमने नकद पुरस्कारों के अलावा कुछ दूसरे मोटिवेशन के उपाय सुझाए हैं, जिनकी मदद से आप अपने कर्मचारियों को प्रोत्साहित रख सकते हैं और उनकी उत्पादकता बढ़ा सकते हैं

 

खुली बातचीत

हालांकि अधिकतर नियोक्ता मैनेजमेंट मूल्यों को पहचानते हैं और हमेशा उपलब्ध रहते हैं, लेकिन अक्सर कर्मचारी अपने विचार उनके सामने रखने का साहस नहीं रखते। अगर मैनेजर अपने अधीनस्थों के साथ समय बिताता है तो वह उनका विश्वास जीत सकता है

अगर संगठन में बहुत ज्यादा औपचारिकताएं होती हैं तो इससे अफवाहें फैलने का खतरा बढता है और इन अफवाहों का समय पर समाधान ना होने पर कर्मचारी हतोत्साहित हो सकते हैं। नियमित रूप से की जाने वाली टीम बैठकें और सभी कर्मचारियों से वन-टू-वन बातचीत टीम के सदस्यों के आपसी और काम से जुड़े मतभेदों को सुलझाने में काफी कारगर सिद्ध होती है

आजकल बहुत से संगठन ओपन-डोर पॉलिसी अपनाते हैं जहां कर्मचारी सीधे अपने बॉस से बात कर सकता है। यह सुविधा कर्मचारियों को मैनेजमेंट फीडबैक और सुझाव देने के लिए प्रोत्साहित करती है, जिसकी बदौलत कंपनी के प्रदर्शन में सुधार आता है

 

विशेष सुविधाएं

आज की कंपनियां समाज के बदलते जनसांख्यिकी वितरण पर ध्यान दे रही हैं, जहां कुछ वर्गों जैसे कि अकेली माताओं, एलजीबीटी समुदाय के सदस्यों और विकलांग व्यक्तियों आदि को विशेष आवश्यकताएं हो सकती हैं

इसके लिए नियोक्ता को इन-हाउस डे केयर और विकलांग-अनुकूल शौचालय जैसी सुविधाओं की व्यवस्था करनी चाहिए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि विकलांग कर्मचारी भी कार्यस्थल पर अपना मूल्य समझेंगे और अधिक मन लगाकर काम करेंगे

कर्मचारियों को फूड कूपन, शॉपिंग वाउचर और कॉर्पोरेट जिम की सदस्यता भी प्रदान की जा सकती है इससे उनका मनोबल बढ़ेगा और कार्यस्थल पर एक स्वस्थ माहौल बनेगा

 

सार्वजनिक प्रशंसा

मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि आत्म प्रेरणा और विकास की आवश्यकता मानव प्रोत्साहन का प्राथमिक कारक होता है। अगर कर्मचारियों के अच्छे प्रदर्शन को सार्वजनिक रूप से सराहा जाए तो इससे उनका आत्मविश्वास और उत्साह बढ़त है। इससे न केवल दूसरे कर्मचारी प्रोत्साहित होते हैं बल्कि संगठन में उत्कृष्टता की संस्कृति का भी विकास होता है

 

लचीलापन

जैसे जैसे समाज में भागदौड़ बढ़ रही है, वैसे-वैसे वर्क-लाइफ बैलेंस बिगड़ता जा रहा है। ऐसी स्थिति में नियोक्ता को कर्मचारियों का शेड्यूल लचीला बनाना चाहिए, जिससे कि वे अपनी निजी और सामाजिक जिम्मेदारियों को भी पूरा कर पाए। इसके अतिरिक्त, ऐसा करने से कर्मचारियों मे तनाव कम होता है और उनकी उत्पादकता बेहतर हो जाती है

 

मेंटरिंग

एक व्यस्त वर्कफोर्स बनाने के लिए, नियोक्ताओं को प्रशिक्षण और विकास के अवसरों में निवेश करना होता है। ईमेल एटिकेट, बिज़नेस कम्युनिकेशन, टाइम मैनेजमेंट, कस्टमर केयर आदि जैसे विषयों पर मेंटरिंग और इन-हाउस प्रशिक्षण कार्यक्रम आपके कर्मचारियों को अधिक उत्पादक, इंगेज्ड और संतुष्ट बनाते हैं

कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें मोटिवेट रखने के लिए उनकी सैलरी उनको समय पर दे दी जानी चाहिए