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अपने एसएमई में वित्तीय अनुशासन किस प्रकार से लागू करें

छोटे और मध्यम स्तर के बिज़नेस को उभरते बाजार के अवसरों को भुनाने और लाभ कमाने के लिए वित्तीय अनुशासन का पालन करना बेहद जरूरी है। कंपनी के खाते कंपनी की विस्तृत वित्तीय स्थिति की जानकारी देने वाले होने चाहिए। सख्त वित्तीय अनुशासन के बिना, कंपनी अपनी क्षमता से अधिक खर्च कर सकती है, और इससे इसकी दीर्घकालिक स्थिरता बुरी तरह से प्रभावित हो सकती है

वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए, एसएमई को आवश्यक रूप से वित्तीय अनुशासन का पालन करना चाहिए। निम्नलिखित तरीकों के माध्यम से आप अपने बिज़नेस में वित्तीय अनुशासन ला सकते हैं

 

रिस्क मैनेजमेंट और कंट्रोल

किसी भी वित्तीय इमरजेंसी से पहले रिस्क मैनेजमेंट शुरू हो जाना चाहिए। इस हेतु कंपनी के अनुपालन दायित्वों के साथ ही मजबूत और प्रभावी वित्तीय नियंत्रण को लागू किया जाना चाहिए

कंपनी के खाते बनाते समय कंपनी अधिनियम, 2017 में हुए परिवर्तनों और जीएसटी नियमों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए, जिससे कि आप किसी अनुपालन को डिफॉल्ट ना करें और कानूनी परेशानियों तथा जुर्माने से बचे रहें

 

बिज़नेस और निजी खर्चों को अलग रखें

अधिकांश छोटे बिज़नेस सेल्फ फंडेड होते हैं, ऐसे में अगर बिज़नेस के और निजी खर्चों को अलग-अलग ना रखा जाए तो भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है और टैक्स प्लानिंग में परेशानी आ सकती है। कैश-फ्लो बनाए रखने और अकाउंटिग को आसाब बनाने के लिए अपने बिज़नेस के लिए अलग बिज़नेस अकाउंट रखें

निजी और बिज़नेस अकाउंट को अलग रखे बिना, आपके बिज़नेस की वित्तीय स्थिति का सटीक आकलन करना मुश्किल हो सकता है, और इसकी परिणीति गलत वित्तीय निर्णयों के रूप में हो सकती है

 

कस्टमाइज़ेबल अकाउंटिंग टूल्स का उपयोग

एसएमई का मैनेजमेंट करना देखने में आसान होता है, पर वास्तव में यह एक कठिन काम है। यदि आपने अभी-अभी अपना बिज़नेस शुरू किया है, तो आपको अपने अकाउंट मैनेज करने में बहुत सी परेशानियां आ सकती हैं। इसलिए हम आपको सलाह देते हैं कि अपने बिज़नेस के अकाउंट्स को सही तरीके से मैनेज करने के लिए किसी पेशेवर एकाउंटेंट की सेवाएं लें

आज बाजार में ऐसे बहुत से कस्टमाइज़ेबल अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर उपलब्ध हैं जो गलती से हुई डबल एंट्री की संभावना को पूरी तरह से नगण्य कर देते हैं। मामूली सी फीस के बदले, ये आपको इनवॉइस प्रबंधित करने, आय और खर्चों को ट्रैक करने और आपके खर्च के इतिहास के आधार पर आपको इनसाइट प्रदान करते हैं

 

वेंडर मैनेजमेंट

सप्लायर्स और विक्रेताओं आपके अनुबंधों की समय-समय पर समीक्षा करते रहें, इससे आपको सही और सबसे अच्छी दरें मिलती रहेगी। जैसे जैसे आपका काम और उपभोग बढ़ता जाता है, वैसे-वैसे आप सप्लायर्स से बिड आमंत्रित कर उनके भावों और सेवाओं का आकलन कर सकते हैं। उनके द्वारा भरी गई बिड के आधार पर अपने बिज़नेस के लिए सबसे अच्छी दरें देने वाला वेंडर चुन सकते हैं

ऑनलाइन मार्केटप्लेस और एग्रीगेटर आपको आपके इच्छित क्षेत्र में बहुत से सप्लायर्स में से चुनने की सुविधा देते हैं, इससे आपके इन्वेंट्री ओवरहेड्स कम हो जाते हैं

 

अपने लोन्स को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करें

वित्तीय अनुशासन का एक जरूरी पहलू लोन मैनेजमेंट होता है। आसान फाइनेंसिंग विकल्पों का लाभ उठाकर आप सीमित रिस्क लेकर अपने बिज़नेस के लिए नए अवसरों की तलाश कर सकते हैं। बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों उधार लेकर आप अपने बिज़नेस की अनिश्चितताओं को समाप्त कर सकते हैं और अपने लिए तथा अपने कस्टमर्स के लिए लाभ की स्थिति पैदा कर सकते हैं

अपने अल्पकालिक और दीर्घकालिक बिज़नेस लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए पैसा उधार लें। एक बार अपनी जरूरतों को पहचान लेने के बाद, कम ब्याज दरों, लंबी अवधि, लचीली भुगतान शर्तें और आसान फोरक्लोज़र प्रदान करने वाली संस्थाओं से लोन लें

एक वित्तीय संस्थान के रूप में, रिलायंस मनी आपको प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों और लचीले पुनर्भुगतान विकल्पों के साथ एसएमई लोन प्रदान करता है। आप इस पैसे का उपयोग करने अपना उत्पादन बढ़ा सकते हैं, इन्वेंट्री खरीद सकते हैं, कर्मचारियों के वेतन की भरपाई कर सकते हैं और सप्लायर्स का बकाया चुका सकते हैं