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आप जो चाहते हैं उसे प्राप्त करने की कला

इंटरनेट पर ऐसी बहुत सारी प्रेरणादायक उक्तियों के पोस्टर भरे हुए हैं जिनमें पहाड़ों के बीच में रंगीन सूर्योदय हो रहा है, वहीं दूसरी ओर सेल्फ हेल्प किताबों ने लाखों करोड़ों रुपए का बाजार खड़ा कर लिया है, जो आप चाहते हैं उसे प्राप्त करने का रहस्य आपके, और सिर्फ आपके भीतर छुपा हुआ है

यहां हम आपको तीन ऐसी शर्तिया तकनीके बता रहे हैं जो आपके सपनों को वास्तविकता में बदल देगी, एक बार में एक ही ट्राई कीजिए

1. क्या और क्यों सब कुछ करने में सक्षम है

यह आपको चाहे कितना भी पुराना और आउटडेटेड लगे लेकिन यह आप सब लोगों द्वारा सबसे गलत समझा गया सिद्धांत है. अगर आपके दिमाग में यह स्पष्ट नहीं है कि आप जीवन में क्या करना चाहते हैं तो आप और कुछ नहीं बल्कि एक निष्क्रिय लक्ष्य निर्धारण कर रहे हैं. जब आप सक्रिय रूप से अपने लक्ष्यों का निर्धारण नहीं करते हैं, तो आप उद्देश्यहीन और दिशाहीन हो जाते हैं. आप को शांति से बैठने और अच्छे से यह सोचने की जरूरत है कि आप कि आप क्या चाहते हैं, और उससे भी ज्यादा जरूरी है कि आप क्यों चाहते हैं. सब कुछ पा लेने की इच्छा करना मनुष्य का स्वभाव होता है, किंतु वह सब हमारी इच्छाएं हैं जरूरी नहीं है वह हमारे जीवन का उद्देश्य भी हो.

चलिये एक उदाहरण देखते हैं,

परिदृश्य: आप का अभी अभी अपने प्रेमी के साथ ब्रेकअप हुआ है

आप क्या चाहते हैं: उसे

क्यों: आप उसे वापस अपने जीवन में क्यों चाहते हैं, इस विषय पर अगर आप एक पृष्ठ भी नहीं लिख पाते हैं तो यह निश्चित मान लीजिए कि वह आपके समय, प्रयासों, और पैसों के लायक नहीं हैं. किसी व्यक्ति का या किसी चीज का अपने जीवन में क्या महत्व है अगर आपने यह सही तरीके से जान लिया तो यह है आपके लक्ष्य को निश्चित रूप से शक्ति प्रदान करता है.

कुछ लोग इसे नियति का नाम दे सकते हैं, लेकिन यह लॉ ऑफ अट्रैक्शन ही है, जो आपके जीवन में वह सब कुछ लाता है, जिसके लायक आप अपने आप को समझते हैं.

2. उन राहों पर चलिए जिन पर अब तक कोई नहीं चला

अपनी कार्य योजनाओं के महत्व को कमतर मत आंकिए. अब जबकि आप आत्मविश्वास और आत्म प्रेरणा से परिपूर्ण है तो पूर्ण विश्वास के साथ उस राह पर चलने का समय आ गया है जो आपको आपके लक्ष्य तक पहुंचाएं. लेकिन इस राह पर बहुत कम लोग चल पाए हैं, और यह राह मुसीबतों से भरी हुई भी होगी. आप इसके लिए मानसिक रूप से तैयार होने चाहिए दृढ़ संकल्प होनी चाहिए, और इस पर चलने के लिए संकल्पित होने चाहिए. जो आप प्राप्त करना चाहते हैं उसको प्राप्त करने की अगर आपके पास पूर्ण योजना नहीं है, तो आपके सारे प्रयास बेकार जाने वाले हैं.

मान लीजिए

परिदृश्य: आप एक असिस्टेंट मैनेजर है और सीनियर मैनेजर बनना चाहते हैं

एक्शन प्लान:

  • स्मार्ट और हार्ड वर्क कीजिए

अपने साथियों से खुद को आगे दिखाने के लिए आपको रचनात्मक होने की जरूरत है, अपने काम करने के तरीकों पर विश्वास रखने की जरूरत है, और नए विचारों के लिए निरंतर आत्ममंथन करते रहने की जरूरत है.

  • सक्रिय बनिए

अब आप और अधिक समय तक दर्शक बनकर रहना नहीं चाहते हैं. अपने उच्चाधिकारियों की नजरों में आने के लिए आपको मेहनत करनी होगी इससे पहले कि दूसरे इस मुकाम को हासिल कर ले; आपको समस्या को पहचानना होगा और पहले से ही समाधान तैयार रखना होगा.

  • नियमितता और धैर्य बनाए रखें

कार्ययोजनाएं लंबी होती है और उन्हें पूरा समय दिए जाने की जरूरत होती है. रोजाना वही काम करना और इससे पैदा हुई नीरसता कई बार आपको अधीर कर सकती है, लेकिन अब आप अपने लक्ष्यों का निर्धारण कर चुके हैं अब आप पीछे नहीं हट सकते.

3. अच्छाई को चुने, बुराई को दूर भगाएं, और व्यर्थ चीजों से दूर रहें

सफलता की राह कभी भी आसान नहीं होती. समय-समय पर कभी आपको लगेगा कि सब कुछ आसानी से हो रहा है, तो कभी यह राह उतार चढ़ाव भरी, पथरीली और खतरनाक हो जाएगी, और कभी-कभी आप कुंठा रूपी पठार तक पहुंच जाएंगे. इन सभी रुकावट और मोड़ों को पहचानना बहुत जरूरी है, जिससे कि आप ही आकलन कर पाए कि आप अपने लक्ष्य के कितने करीब हैं और इसे प्राप्त करने के लिए आवश्यक कदम उठा पाए.

चलिये एक उदाहरण देखते हैं,

परिदृश्य: आपको अपने वर्तमान वजन में से 20 किलो कम करना है

कार्य योजना: 6 महीनों तक व्यायाम, खान पान में नियंत्रण, और जीवन स्तर में बदलाव का कड़ाई से पालन.

आने वाली समस्याएं और उनका समाधान:

  • सब कुछ आसानी से हो रहा है:

शुरुआत में पानी की कमी हो जाने के कारण ऐसा लगता है कि वजन तेजी से कम हो रहा है.

  • चढ़ाव:

जल्दी आपको एहसास हो जाता है कि शुरू में जो वजन कम हुआ था वह पानी की कमी से हुआ था ना कि वसा की कमी से. वास्तविक संघर्ष तो अब शुरू हुआ है, जब आपको बार-बार उन्हीं खाने को खाने की इच्छा होगी जिसके लिए मना किया गया है, और आपको लगेगा कि बहुत व्यायाम करने के बाद भी आपका वजन कम नहीं हो पा रहा है.

आपको नाउम्मीद नहीं होना है और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते जाना है.

  • पथरीली राहें:

आप अपना आपा खोने लग जाते हैं और इसे आवश्यकता से अधिक करना चाहते हैं, यह सिर्फ आपको बीमार करता है. या फिर ऐसा हो सकता है कि आप अपने खाना खाने की इच्छाओं के सामने हार मान ले, और व्यायाम करना छोड़ दें.

यहां से सब कुछ बुरा होना शुरू होता है. आपको अपने दिमाग के उस हिस्से का इस्तेमाल ही नहीं करना है जो नकारात्मकता पैदा करता है.

  • पठार:

वजन कम करना कोई आसान काम नहीं है इसके लिए नियमित होता, दृढ़ इच्छाशक्ति, और संकल्प की आवश्यकता होती है. पहले 3 महीनों के बाद, आपके शरीर में जमी जिद्दी वसा, कम होने से इनकार करना शुरु कर देगी.

यह सबसे बुरी अवस्था है, और अगर आप इस पठार पर नहीं रहना चाहते हैं तो आपको अपनी दिनचर्या में बदलाव करना ही होगा. और अधिक स्वास्थ्यप्रद खाना खाना शुरू कर दीजिए, और अधिक व्यायाम शुरू कर दीजिए.

विश्वास और ध्यान जीवन में सफलता की कुंजी है. जितनी जल्दी आप खुद को इन दोनों चीजों में प्रशिक्षित कर लेते हैं, उतनी ही जल्दी आप अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेते हैं.