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यूज़्ड कार खरीदते समय आपको पर्सनल लोन लेना चाहिए या कार लोन लेना चाहिए?

वाहन का मालिक बनना किसी के लिए भी एक सपने के सच होने जैसा होता है। लोगों की तीन प्रमुख इच्छाओं (विश लिस्ट) में से एक है, कार खरीदना। बहुत सी विदेशी कार बनाने वाली कंपनियों के आगमन के साथ ही भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट आज तक के सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी दौर से गुजर रहा है। कारें अब आपके पैसे की बेहतर वैल्यू प्रदान कर रही है और तरह-तरह के एडवांस फीचर्स के साथ आ रही है

इंडियन ब्लू बुक की ‘इंडिया प्री ओन्ड कार मार्केट रिपोर्ट 2016’ के मुताबिक, देश में सन 2016 में कुल 3.3 मिलियन यूज़्ड कारें बेची गई। यह आंकड़ा नई कारों की बिक्री का 1.2 गुना है। इसमें पिछले वर्ष के मुकाबले बड़ा उछाल आया है, पिछले वर्ष यह 1:1 के अनुपात में था। विशेषज्ञों का अनुमान है कि साल 2020 तक यूज़्ड कारों का बाजार नई कारों के मुकाबले 2:1 के अनुपात तक आ जाएगा

यूज़्ड कारोंकी बिक्री में बढ़ोतरी के पीछे कई कारण है; जिनमें से एक मुख्य है वहन करने की क्षमता,जो कि कुछ विशेष शुल्कों जैसे कि रोड टैक्स और लोडिंग शुल्क के लगभग ना के बराबर होने के कारण है। ऐसे भी उदाहरण देखे गए हैं जिसमें वे व्यक्ति जो अभी कार चलाने के मामले में नौसिखिया है, वे नई कार से सीखने और उसका नुकसान करने की बजाय एक बार हाथ साफ करने के लिए पुरानी कार खरीदना पसंद करते हैं। इसके अलावा यह उन लोगों के लिए भी फ़ायदेमंद है जो कम कीमत में एक अच्छी कार के मालिक बनना चाहते है

इंडियन ब्लू बुक की रिपोर्ट यह भी बताती है कि प्री-ओन्ड कारों की औसत कीमत ₹3-4 लाख के बीच थी। हालांकि यह नई कार के मुकाबले काफी कम है, मगर फिर भी मध्यम वर्ग के खरीदार की जेब पर भारी है। अपनी खरीद को फाइनेंस करने के लिए लोगों में लोन लेने का रुझान देखा गया है

ऐसे में स्वाभाविक है कि लोग यू्ज़्ड कार लोन लेना चाहेंगे, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से बहुत सी कारों की खरीद के लिए पर्सनल लोन भी लिए गए हैं। आइए इसे और अच्छी तरह से समझने के लिए दोनों प्रकार के लोन्स की तुलना करते हैं

 

लोन की अवधि

यू्ज़्ड कार लोन के मामले में लोन की अवधि कार की उम्र और स्थिति पर काफी हद तक निर्भर करती है। अगर कार की स्थिति ऐसी है कि इसे बहुत अधिक मेंटेनेंस की जरूरत है, तो अधिकतर लेंडर कम राशि सेंक्शन करते हैं

इसी प्रकार से, यदि आपकी कार की उम्र अधिक है, तो आपके यू्ज़्ड कार लोन की अवधि जो कि अधिकतर लेंडर्स के मामले में अधिकतम 5 साल होती है, घटा दी जाएगी। पर्सनल लोन के मामले में इस तरह की कोई बाध्यता नहीं होती है और यह उधार लेने वालों को वापस चुकाने के लिए पूरे 5 साल (अगर जरूरत पड़े तो) का समय देता है

 

क्रेडिट रेटिंग

पर्सनल लोन एक प्रकार का अनसीक्योर लोन होता है, जिसका अर्थ यह है कि लोन के डिफ़ॉल्ट हो जाने की स्थिति में इसे वसूल करने के लिए किसी प्रकार का कोलेटरल उपलब्ध नहीं होता है। तो एक अनसीक्योर लोन होने के कारण पर्सनल लोन को सफलतापूर्वक सेंक्शन करवाने के लिए अच्छे क्रेडिट स्कोर का होना बहुत अधिक जरूरी है

यूज़्ड कार लोन सीक्योर लोन होते हैं, जिसका अर्थ यह है कि जिस चीज के लिए लोन दिया गया है वह फाइनेंसियल संस्थान के पास एक प्रकार से बंधक होती है। इस कारण से, इस प्रकार के लोन में क्रेडिट स्कोर का अधिक महत्व नहीं होता है और कम क्रेडिट स्कोर वाले व्यक्ति भी आसानी से यूज़्ड कार लोन प्राप्त कर सकते हैं

 

ब्याज दर

यू्ज़्ड कार लोन के मामले में अक्सर ब्याज की दरें 14-18% होती है, जबकि पर्सनल लोन 11-24% में मिल जाता है। इस प्रकार से यू्ज़्ड कार लोन अक्सर सस्ते होते हैं। लेकिन अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा है तो आप यू्ज़्ड कार लोन से भी सस्ती दरों में एक पर्सनल लोन प्राप्त कर सकते हैं

तो, अब तक आपको पता चल ही गया है। इन दोनों प्रकार के लोन के बीच के मुख्य अंतर ऊपर बताए गए है। आप अपनी फाइनेंशियल स्थिति और क्रेडिट रेटिंग के आधार पर इनमें से कोई भी लोन ले सकते हैं। रिलायंस मनी न्यूनतम डॉक्यूमेंटेशन और झंझट मुक्त प्रक्रिया के साथपर्सनल लोनऔरयू्ज़्ड कार लोन दोनों प्रदान करता है