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MSME बिजनेस में नया आयाम: MSME के कायापलट और बिजनेस लीडरशिप के 10 सुनहरे नियम

श्री विनोद के. पंडित, संस्थापक सीईओ, परसेप्शन मैनेजमेंट कंसल्टिंग प्रा. लि.

एयरोस्पेस, डिफेंस, ऑटोमोबाइल, खाद्य पदार्थ, दवा उद्योग, भारी धातु, एफएमसीजी, आदि जैसे सुनियोजित क्षेत्रों में भारतीय मूल उपकरण निर्माता (OEM) और बहुराष्ट्रीय निर्माणक दिग्गजों ने MSME के लिए एक भारी मांग उत्पन्न की है और भारत व विदेशी बाजरों में मूल्य वर्धक आपूर्ति श्रृंखला की सुविधा हासिल की है। अलग-अलग प्रकार के उच्च क्वालिटी प्रोडक्ट का निर्माण करते हुए MSME धीरे-धीरे विभिन्न स्तरों पर इन बड़ी कंपनियों के सीधे आपूर्तिकर्ता बन गए हैं

फिर भी, भारत में ऐसी हजारों इकाईयां हैं जिनके पास आज भी अपने बिजनेस को अगले स्तर तक ले जाने के लिए पर्याप्त ज्ञान का अभाव है। अपने बिजनेस को बड़ा बनाने के लिए तैयार प्रत्येक उद्यमी के लिए 7 सुझाव हैं

  1. जब तक आप काम नहीं करते तब तक कुछ भी काम नहीं करता
  2. आप भीड़ के पीछे चल सकते हैं या आप अपनी दुनिया बदल सकते हैं, लेकिन आप दोनों काम नहीं कर सकते
  3. यदि आप बहुत बार असफल नहीं हो रहे हैं, तो आप कुछ खास नहीं कर रहे हैं
  4. परिवर्तन शुरूआत में मुश्किल होता है, बीच में अस्त-व्यस्त होता है और अंत में शानदार होता है
  5. समय के साथ छोटे दैनिक सुधार के आश्चर्यजनक परिणाम मिलते हैं
  6. सीखने में निवेश करें
  7. आपके पास उद्यमशीलता का वह जीवन होता है, जो आपने तय किया है

आगे बढ़ने के क्रम में पेश हैं MSME के लिए बिजनेस के कायापलट और बिजनेस लीडरशिप हेतु 10 सुनहरे नियम

 

नियम #01
अपने बिजनेस के लिए परिकल्पना (विजन), लक्ष्य (मिशन) और संतुलित स्कोर कार्ड तैयार करें

शुरूआती (स्टार्ट-अप), छोटे या मध्यम, किसी भी आकार के बिजनेस को स्पष्ट तरीके से निर्दिष्ट परिकल्पना, लक्ष्य, मूल्य, बिजनेस प्रयोजन और ग्राहक केन्द्रित अभिव्यक्तियां तय करनी चाहिए। प्रत्येक उद्यमी को अपने बिजनेस के लिए इन अभिव्यक्तियों को जरूर लिख लेना चाहिए और साथ ही बिजनेस के रणनीतिक, संचालन, फाइनेंशियल और जोखिम प्रबंधन लक्ष्यों को शमिल करते हुए मुख्य प्रदर्शन संकेतों (केपीआई) की निगरानी करने के लिए संतुलित स्कोर कार्ड तैयार करना चाहिए।
#यह किसी बिजनेस के ढांचे की पुनर्रचना का मूलभूत नियम है

 

नियम#02

अल्पावधि (शॉर्ट टर्म), मध्यावधि (मिड टर्म) और दीर्घावधि (लॉन्ग टर्म) बिजनेस प्लान बनाएं: एक सफल बिजनेस के लिए एक मजबूत फाइनेंशियल व्यवहार्यता रिपोर्ट द्वारा समर्थित बिजनेस प्लान अत्यंत महत्वपूर्ण है। आमतौर पर, छोटे बिजनेस मालिक किसी वैज्ञानिक रूप से मूल्यांकित बाजार और फाइनेंशियल व्यवहार्यता की तुलना में अपने मन पर अधिक विश्वास करते हैं। बिजनेस करने की प्रक्रिया में, गलतियां होती रहती हैं और उद्यमी उन गलतियों का आदी हो जाता है और उसे लगता है कि यह बिजनेस का एक हिस्सा है, जो कि एक गलत धारणा है। प्रत्येक बिजनेस के स्वामी को 1, 3 और 5 वर्षों के लिए एक लिखित बिजनेस प्लान रखना चाहिए।
#बिजनेस योजना फाइनेंशियल जोखिम को न्यूनतम रखने के लिए बजट और व्यय प्रतिरूप की एक स्पष्ट राह प्रदान करती है

 

नियम#03
व्यापार, प्रोडक्ट, सेवाओं, विपणन और बिक्री के लिए रणनीतियां विकसित करें

उद्यमियों को अपने व्यापार, प्रोडक्ट/सेवाओं, विपणन और बिक्री के लिए सर्वश्रेष्ठ रणनीतियों का विकास करना चाहिए क्योंकि अंतत: यह रणनीतियां उस बिजनेस को अपना रास्ता निर्धारित/पुनर्निधारित करने में मदद करेंगी। आमतौर पर उद्यमी अपने रास्ते की रणनीतियां जानते या सीखते व उनका पालन करते हैं और अपनी पसंद के अनुसार उन्हें परिवर्तित करते रहते हैं। एक लिखित, सह-निर्मित और सबसे महत्वपूर्ण व पूर्ण रूप से मूल्यांकित रणनीतियां बिजनेस की तेजी से वृद्धि करने में मदद कर सकती है।
#किसी भी रणनीति को तैयार करने से पहले, ऊपर उल्लिखित प्रत्येक विषय के लिए एसडब्ल्यूओटी (SWOT) विश्लेषण करना महत्वपूर्ण है

 

नियम#04
बिजनेस प्रबंधन प्रणाली की स्थापना, रख-रखाव और निरंतर सुधार करना

लघु, छोटे एवं मध्यम वर्ग के उद्योगों (MSME) को सभी प्रक्रियाओं के लिए अपने स्वयं की बिजनेस प्रबंधन प्रणालियों (बीएमएस) का निर्माण और पूरी कंपनी में सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं का पालन करना चाहिए। बीएमएस प्रक्रिया क्वालिटी प्राप्त करने के लिए प्रेरक बल है और प्रत्येक व्यावसायिक इकाई के लिए अच्छी प्रबंधन प्रणालियां स्थापित करना वांछनीय है जो कि समय के साथ लिखी और गतिशील तरीके से बेहतर बनाई गई हों। बीएमएस में कार्य प्रवाह, एसओपी, नीतियां, अच्छी प्रथाएं, आदि शामिल होती हैं।
#व्यावसायिक उत्कृष्टता के लिए क्वालिटी प्रबंधन की संस्कृति एक मजबूत आधार सिद्ध हो सकती है

 

नियम#05
सस्ते प्रबंधन सिद्धांतों पर ध्यान केन्द्रित करें

सस्ते प्रबंधन सिद्धांत किसी भी संगठन द्वारा उत्पाद प्राप्ति प्रक्रिया को लागत प्रभावी बनाए रखने और व्यर्थ चीजों की समाप्ति के लिए प्रयोग किए जा सकते हैं। सस्ती प्रबंधन प्रणाली इस प्रतिस्पर्धी बाजर में एक लागत प्रभावी बिजनेस चलाने का सबसे आवश्यक अंग है। बेस-लाइन में सुधार करने के लिए उद्यमियों को कम कीमत वाले स्वचालन, उत्पादकता, उपज अनुकूलन और मूल्य संवर्धन के बारे में सोचना चाहिए।
#बिजनेस को उत्पादक बनाने के लिए दर्जनों उपकरण हैं और यदि इन्हें एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ अपनाया जाए तो ये बिजनेस को सच में सस्ता और लागत प्रभावी बना सकते हैं

 

नियम#06

वैश्विक बाजरों का निर्माण, ब्रांडिंग, ज्ञान संरक्षण, अद्वितीय बिक्री प्रस्ताव (यूएसपी) तैयार करें: MSME को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनियों में भाग लेना चाहिए और वैश्विक बाजर में स्वयं को प्रकट करना चाहिए। ब्रांडिंग, सोशल मीडिया नेटवर्किंग, डिजिटल मार्केटिंग अब केवल बोलने भर के शब्द नहीं रह गए हैं बल्कि आज के वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी व्यावसायिक वातावरण में अस्तित्व में बने रहने की एक आवश्यकता हैं।
#उद्यमियों को अपने बिजनेस के लिए एक यूनिक बिक्री प्रस्ताव (यूएसपी) तैयार करना चाहिए

 

नियम#07
वित्तीय अनुशासन और फाइनेंशियल पारदर्शिता बनाए रखें

MSME मुख्य रूप से फाइनेंशियल प्रबंधन की पारंपरिक पद्धतियों का प्रयोग करने के कारण आमतौर पर धनकोष अनुशासन का पालन नहीं करते। फाइनेंशियल अनुशासन; फाइनेंशियल एवं बाजर व्यवहार्यता मूल्यांकन के दो घटक हैं। अधिकतर उद्यमी यह नहीं जानते कि फाइनेंशियल अनुशासन कैसे बनाए रखें और वे अनुपालन से भटक जाते हैं ऐसे में फाइनेंशियल पारदर्शिता पिछड़ जाती है जो उन्हें फाइनेंशियल तनाव देता है।
#फाइनेंशियल पारदर्शिता सर्वश्रेष्ठ फाइनेंशियल परम्पराओं में शामिल होती है, जो कि किसी बिजनेस को सुचारू रूप से चलाने के लिए महत्वपूर्ण है

 

नियम#08
विकास, प्रशिक्षण और टीम का निर्माण

एचआर रणनीति का विकास, उचित कार्यों के लिए उचित लोगों की भर्ती, कुशल श्रमशक्ति की भर्ती और रख-रखाव प्रतिभा को बनाए रखने के कुछ मुख्य कारक हैं। योग्यता और कुशलता के अंतर को कम करने के लिए MSME को मानव संसाधन के साथ परस्पर बातचीत करनी चाहिए और संलग्न रहना चाहिए। कर्मचारी संलग्नता महत्वपूर्ण है और यह 3-ई प्रतिमान पर आधारित होनी चाहिए (शिक्षा, सशक्तिकरण और लागू करना)।
#प्रशिक्षण एवं विकास पर अधिकतम ध्यान दिया जाना चाहिए क्योंकि छोटे प्रशिक्षण सत्र अप्रशिक्षित और अकुशल श्रमशक्ति से अधिकतम उपार्जिन कर सकते हैं

 

नियम#09
समाज और पर्यावरण का आदर करें। स्थिरता पर विचार करें

MSME के लिए एक स्थिर भविष्य की ओर अग्रसर सामाजिक जिम्मेदारी, पर्यावरणीय प्रदर्शन और ऊर्जा दक्षता पर ध्यान केन्द्रित करना महत्वपूर्ण है। इसमें स्थिरता की ओर MSME द्वारा ऊर्जा दक्षता, वर्षा जल संचयन, वैकल्पिक ईंधनों का प्रयोग एवं अन्य कई छोटी पहल हो सकती हैं जो बड़े पैमाने पर समाज में योगदान कर सकती हैं।
#स्थिरता पर विचार करना MSME को लंबे समय के लिए बनाए रख सकती है

 

नियम#10
बिजनेस प्रबंधन संगठनों (BMOs) के साथ नेटवर्क बनाए रखें

ऐसा कहा जाता है कि नेट—वर्क ही नेट—वर्थ (शुद्ध—मूल्य) है और स्वयं को अत्याधुनिक बीएमओ से घेरे रखने वाले लघु, छोटे एवं मध्यम वर्ग के उद्योग (MSME) समग्र रूप से बहुत लाभ उठा सकते हैं। सरकार और फाइनेंशियल संस्थानों द्वारा शुरू की गई ऐसी कई योजनाएं हैं, जो कि इन बीएमओ के माध्यम से MSME तक पहुंच सकती हैं।
#MSME को अपनी कंपनियों के लिए अधिकतम लाभ पाने के लिए प्रोफेशनल बीएमओ का सदस्य बनना, कार्यक्रमों की सदस्यता लेना, फोरमों (मंचों) से जुड़ना, संपर्क प्रबंधन प्रणाली स्थापित करना, ज्ञान पत्रिकाओं की सदस्यता, आदि लेनी चाहिए