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स्टार्टअप हेल्थकेयर आंकड़ों के अनुसार, 7500+ हेल्थकेयर स्टार्टअप विश्वस्तर पर विकसित हो रहे हैं, जिनमें से 298 भारत में स्थित हैं। इंडिया ब्रांड इक्विटी का अनुमान है कि भारतीय हेल्थ-टेक बाज़ार वर्ष 2020 तक $280 बिलियन के स्तर पर पहुंच जाएगा और वर्ष 2017 में $160 बिलियन का स्तर पार कर जाएगा

 

अचानक इस लहर की वजह क्या है?


भारतीय हेल्थकेयर सेक्टर व्यापक असंगठित और असमान रूप से वितरित है। दस्तावेजीकरण और चिकित्सकीय इतिहास अभी भी बड़ी हद तक अनुपस्थित हैं। प्रति डॉक्टर रोगियों की बड़ी संख्या का अनुपात, उपचार लागतों में अंतर, चिकित्सकीय जागरूकता का अभाव, अधिक तीव्र डायग्नोसिस और उपचार की आवश्यकता, इन सभी ने प्रणाली पर दबाव बनाने में योगदान किया है। इस कमी की वजह से उपभोक्ता-प्रेरित हेल्थकेयर स्टार्टअप्स में उछाल आया है और यह भारत में हेल्थकेयर की जटिल समस्या का स्पष्ट समाधान प्रतीत होता है


इस क्षेत्र में स्टार्टअप्स की श्रेणियां डिस्कवरी, केयर डिलीवरी, स्पेश्यलिटी केयर, डिजिटाइजिंग, डायग्नोस्टिक डिवाइसें, ट्रैकिंग और ई-कॉमर्स आदि हैं। इनमें से कुछ स्टार्टअप्स के बारे में नीचे बताया गया है

  • लिबरेट

यह उपयोक्ताओं को परामर्श हेतु 90000+ प्रतिष्ठित डॉक्टरों में से चुनने की सुविधा देता है। ग्राहक अपनी पूछताछ के लिए डॉक्टरों से निजी तौर पर बातचीत कर सकते हैं। यह उनको अग्रिम फीस देखने की सुविधा देता है जिससे पारदर्शिता बनती है। रोगी सूचना प्रबंधन के लिए डॉक्टर भी इस प्लेटफार्म का उपयोग कर सकते हैं

  • मेडिबॉक्स टेक्नोलॉजीस

यह रिटेल और अस्पतालों की फार्मेसियों को पूरे भारत भर में मेडिकल सप्लॉयरों जैसे कि डिस्ट्रीब्यूटर्स, स्टॉकिस्ट्‌स, और डीलर्स से डिजिटली कनेक्ट करता है। इस प्लेटफार्म के माध्यम से अस्पताल बड़े आर्डर प्राप्त कर सकते हैं और एक क्लिक में ही उन्हें ट्रैक कर सकते हैं। इसके अलावा Medibox निर्माताओं को लांच, ऑफर्स, और स्कीमों के जरिए ब्रांड अभियान चलाने में भी मदद करता है

  • पोर्टिया

पोर्टिया ग्राहकों के लिए डिजाइन किए गए विविध इन-होम हेल्थकेयर प्रोग्रामों को प्रस्तुत करते हुए भारत में किफायती हेल्थकेयर सेवा उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। यह विविध उपचारों हेतु होम विजिट के लिए डॉक्टर, थेरेपिस्ट और नर्सें प्रस्तुत करता है। इनकी क्लीनिकल प्रक्रियाएं अमेरिका में होम हेल्थकेयर पेशेवरों के परामर्श से विकसित की गईं। इनके मेडिकल इक्विपमेन्ट रेंटल्स और पोर्टेबल लैब टेस्ट हेल्थकेयर को सचमुच सुलभ बनाते हैं

  • लिवहेल्थ

LiveHealth हेल्थकेयर सेवाप्रदाताओं और रोगियों को एकीकृत अनुभव प्रदान करता है। LiveHealth पर डॉक्टरों द्वारा वॉक-इन रोगियों से डेटा और टेस्ट रिपोर्टें संकलित और प्राधिकृत की जाती हैं। यह डेटा एन्क्रिप्टेड और सुरक्षित रहता है, और यहां चिकित्सा पेशेवरों को रोगियों का चिकित्सा इतिहास प्रबंधित करने, ट्रैक करने और विश्लेषण करने की सुविधा मिलती है जिससे परामर्श के दौरान उन्हें गहन ज्ञान प्राप्त होता है। उनकी स्वास्थ्य बीमा पोर्टेबिलिटी और जवाबदेही अधिनियम (HIPAA) का अनुपालन करने वाली प्रक्रियाएं उनकी USP हैं

  • मेडिका बाज़ार

IIM के पूर्वछात्र विवेक तिवारी द्वारा 2015 में स्थापित यह स्टार्टअप समस्त हेल्थकेयर आवश्यकताओं के लिए मेडिकल ऑनलाइन मार्केटप्लेस है। यहां खरीदार, विविध मेडिकल उपकरणों तथा वेलनेस उत्पादों की कीमतों, विशेषताओं की तुलना कर सकते हैं और ऑनलाइन खरीद सकते हैं। इस स्टार्टअप में लगभग 60 कर्मचारी हैं और 5000 मेडिकल कंपनियों से करार करके उन्हें इस प्लेटफार्म के माध्यम से बिक्री करने की अनुमति दी गयी है। पोर्टल पर रिफर्बिश्ड मेडिकल डिवाइस खरीदने के विकल्प भी ग्राहकों को मिलते हैं

 

  • मेड-इंडिया

2001 में लांच मेडइंडिया विविध हितधारकों जैसे कि उपभोक्ताओं, डॉक्टरों, फिजीशियनों और हेल्थकेयर पेशेवरों को ऑनलाइन स्वास्थ्य जानकारी और सेवाएं प्रदान करता है। समय पर तथा प्रमाणित जानकारियों के माध्यम से सभी हितधारकों को सशक्त बनाने पर इसका फोकस है। यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर टॉप रैकिंग वाली साइटों में है, जहां पूरी दुनिया से ट्रैफिक आता है। यह उपयोक्ताओं के लिए हेल्थ एप्लिकेशन और असेसमेन्ट टूल्स भी उपलब्ध कराती है।
इस सेक्टर के अन्य जाने-माने स्टार्टअप्स में प्रेक्टो (Practo), हेल्थकार्ट(HealthKart), मेडनेटवर्क(MedNetwork) (Thrymr Software), डॉक्-एंगेज(DocEngage)आदि शामिल हैं.

भविष्य की संभावनाएं?


हेल्थ-टेक का भविष्य उज्ज्वल है। बड़ी तकनीकी कंपनियों के बीच वैश्विक हेल्थकेयर साझेदारी की वार्ताएं पहले से ही जारी हैं। उदाहरण के लिए, Google ने Novartis और IBM ने CVS से साझेदारी की है। यह डेटा, Google और Apple जैसी कंपनियों को हेल्थकेयर क्षेत्र में उनके वियरेबल गैजेट्‌स में चिकित्सा विशेषज्ञता का उपयोग करने का अवसर प्रदान करता है


इस उछाल की वजह से स्वास्थ्य बीमा और फार्मा कंपनियों द्वारा ऐसे अनेक स्टार्टअप्स की मदद के लिए वेंचर कैपीटलिस्ट्‌स लाना संभावित है। बिग डेटा एनालिटिक्स और इंटरनेट ऑफ थिंग्स का एकीकरण एक अन्य संभावना है


हालांकि असली फायदा तो ग्राहकों को ही मिलेगा। हेल्थ-टेक क्षेत्र में यह उछाल, भारत में हेल्थकेयर की गुणवत्ता में जबरदस्त बदलाव लाने में और स्वास्थ्य के प्रति भारतीय नजरिया बदलने में बड़ी भूमिका निभा सकता है