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तिरूपुर एक्स्पोर्ट निटवियर प्रिंटर्स एसोसिएशन (TEKPA) कच्चे माल का बैंक सेफ गारमेंट्स

आवश्यकता

तिरूपुर सूती निटवियर समूह सभी प्रकार के सूती निटवियर के लिए मान्यता प्राप्त व प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय केन्द्र है। यह समूह विश्वभर के सभी देशों को 20,000 करोड़ रुपए से अधिक का निटवियर एक्सपोर्ट करता है। सूती कपड़े की आपूर्ति श्रृंखला प्रिंटिंग में, एक्सपोर्टर की आवश्यकताओं को पूरा करते हुए, निटवियर 300 से अधिक प्रिंटिंग इकाईयों द्वारा की जाने वाली एक महत्वपूर्ण मूल्यवर्धक गतिविधि है। सोसाइटी अधिनियम के तहत सोसाइटी के रूप में 2004 में बनी TEKPA के 200 एक्सपोर्ट निटवियर प्रिंटर सदस्य हैं। TEKPA प्रिंटिंग की क्वालिटी पर बहुत ध्यान दे रही है क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय खरीददार प्रिंटिंग की उच्च क्वालिटी पर जोर देते हैं और दो प्रमुख एवं अत्यावश्यक पहलुओं पर महत्व देते हैं, अर्थात् कोई रंगस्राव और कोई खतरनाक रसायन न हो क्योंकि अनौपचारिक (कैजुअल) कपड़े आमतौर पर शरीर के काफी नजदीक पहने जाते हैं। लेकिन तिरूपुर के एक्सपोर्ट निटवियर प्रिंटरों को बाजार में विक्रेताओं व व्यापारियों से उपलब्ध खराब और अक्सर मिलावटी क्वालिटी के प्रिंटिंग रंग द्रव्य एवं रसायनों के कारण उपर्युक्त दो पहलुओं पर तकनीकी विशिष्टताएं हासिल करना मुश्किल हो रहा था

 

फिगर 1 सबसे आधुनिक नाइटवियर प्रिंटिंग मशीन

 

उत्तरदायी उत्पादन के लिए परियोजना विकास
2012 की शुरूआत में, एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने महसूस किया कि सदस्यों को क्वालिटी वाले रंग द्रव्य एवं रसायनों की आपूर्ति करने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है और इसलिए सीधे प्रतिष्ठित निर्माताओं से रंग द्रव्य एवं रसायन खरीदने और सदस्यों को आपूर्ति करने के लिए सार्वजनिक कच्चे माल का बैंक (RMB) स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। TEKPA ने विशेष प्रयोजन के वाहन (SPV), TEKPA डाईज एंड केमिकल्स लि. की स्थापना की, और आरएमबी स्थापित करने के लिए इसे एक सार्वजनिक लिमिटेड कम्पनी के रूप में पंजीकृत किया। एसोसिएशन की समिति ने आकृति 2 में दिखाई गई इस प्रस्तावित कम्पनी के प्रयोजनों को भी रेखांकित किया

 

परियोजना वित्तपोषण
TEKPA ने सदस्यों और बैंक फाइनेंस से धन जुटाकर रंग द्रव्य एवं रसायन भंडार स्थापित करने का निर्णय लिया। परियोजना के लिए 58 सदस्यों ने शेयर पूंजी के रूप में 1.11 करोड़ रुपए का योगदान दिया। कोई भी सदस्य कम्पनी में 5% से अधिक का हिस्सेदार नहीं है। एसपीवी ने ओरिएंटल बैंक ऑफ इंडिया से संपर्क किया और परियोजना के लिए कार्यशील पूंजी ऋण के रूप में 1.11 करोड़ रुपए की मंजूरी प्राप्त की

 

 

 

 

परियोजना क्रियान्वयन

  • एक उपयुक्त इमारत को किराए पर लिया गया.
  • कार्यालय एवं भंडारण सुविधाओं को समायोजित करने के लिए आवश्यक आंतरिक बदलाव किए गए.
  • रंग द्रव्यों एवं रसायनों के निर्माताओं, जिनमें से अधिकतर गुजरात के थे, से सीधा संपर्क स्थापित किया गया और थोक कीमतों पर नियमित आपूर्ति के लिए संबंधों की व्यवस्था को अंतिम रूप दिया गया.

आरएमबी ने जनवरी, 2013 में सदस्यों को रंग द्रव्य एवं रसायनों की बिक्री शुरू की

 

फिगर 3 आरएमबी में प्रवेश

   

फिगर 4 आरएमबी में द्रव्य एवं रसायन

 

परियोजना समापन और स्थिरता

जनवरी 2013 में भंडारघर के शुरू होने के समय से, आज तक 250 से अधिक सदस्य एवं गैर—सदस्यों ने भंडारघर से रंग द्रव्य एवं रसायन खरीदे हैं। आरएमबी ने अपनी स्थापना के बाद से 3.5 करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार किया है। आरएमबी लोकप्रिय हो रहा है और इसलिए व्यापार मजबूत वृद्धि के लिए तैयार है

 

लाभ

सदस्यों को निम्नलिखित प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होते हैं

  • रंग द्रव्यों एवं रसायनों की क्वालिटी का आश्वासन
  • भरोसेमंद आपूर्ति
  • सदस्यों को रंग द्रव्यों एवं रसायनों के भंडारण और माल सूची के खर्चों को उठाने की कोई आवश्यकता नहीं होती है. दिन—प्रतिदिन की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भंडारघर से कितनी भी मात्रा खरीदी जा सकती है, जो कि, सदस्यों के लिए जेआईटी सुविधा है
  • बाजार की कीमतों से कम—से—कम 5% सस्ती कीमतें
  • समग्र रूप से उद्योग के लाभ व सेवाओं का विस्तार करने के लिए फायदेमंद है
  • बाजार की कीमतें स्थिर हुईं क्योंकि व्यापारी और विक्रेता भंडारघर की कीमतों की बराबरी करने के लिए मजबूर हो गए.