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सस्ते विनिर्माण सिद्धांत उन सस्ती तकनीकों को उत्पन्न करने के लिए प्रयुक्त होते हैं जो सबसे कुशल और संभव विनिर्माण बिजनेस का निर्माण करने व उसे बनाए रखने के लिए लक्षित होती हैं

सस्ती तकनीकें क्वालिटी में सुधार और बाज़ार की मांग के अनुरूप वस्तुओं का प्रोडक्शन करते हुए लागतों में कटौती करने का रास्ता प्रदान करती हैं

इन लाभों को प्राप्त करने के लिए प्रयोग किए जाने वाले सिद्धांतों में से एक है किसी विनिर्माण प्रक्रिया में होने वाले वेस्ट को समाप्त करना। वेस्ट उसे कहते हैं जिससे प्रोडक्ट का मूल्य नहीं बढ़ता

इंजेक्शन मोल्डिंग में, वेस्ट का सबसे स्पष्ट उदाहरण है दोषपूर्ण पुर्जे बनाना। ऐसा अक्सर सांचे की खराब डिज़ाइन के कारण होता है। सांचे की डिज़ाइन शुरूआत से ही सही होनी चाहिए जो आपको केवल क्वालिटी के मुद्दों से निपटने की वर्षों की निराशा से ही नहीं बचाएगा बल्कि चक्र समय में भी सुधार करेगा

मोल्डरों को वेस्ट से संबंधित क्षेत्रों की पहचान करने की आवश्यकता है

प्लास्टिक इंजेक्शन मोल्डिंग संयंत्रों में वेस्ट के वस्तुत: दर्जनों उदाहरण हैं जैसे कि पुर्जे के खराब डिज़ाइन, सांचे के खराब डिज़ाइन या संचालन अक्षमता के कारण आवश्यकता से अधिक लंबे समय चक्र। साथ ही लंबा चेंजओवर समय होने पर मशीन के सक्रिय रहने से समय की बर्बादी और प्रोडक्शन में नुकसान पहुंचता है

एक और उदाहरण है उचित मोल्डिंग तकनीकों में प्रशिक्षण का अभाव। अपर्याप्त प्रशिक्षण से महंगे सांचे और मशीन को क्षति पहुंच सकती है

उचित रूप से समझकर लागू किए जाने पर — सस्ते विनिर्माण सिद्धांत कई लाभ प्रदान कर सकते हैं

सस्ते विनिर्माण सिद्धांत वेस्ट की मौजूदगी और उसकी समाप्ति के तरीके पर एक दृष्टिकोण प्रदान करते हैं

कई कस्टम इंजेक्शन मोल्डिंग दुकानों में सांचों के बदलाव की क्षमता जैसा आम कार्य, यह निर्धारित करने में एक प्रमुख कारक होता है कि कितना मशीन समय उपलब्ध है। चेंजओवर के समय में खराब परफार्मेंस एवं पद्धति सस्ती विनिर्माण विचारधारा वाली किसी कंपनी को बना या बिगाड़ सकती है। किसी सस्ती-प्रवृत्ति वाली दुकान में दक्षता, निरंतरता और गति तीन प्रमुख केंद्र बिंदु हैं

आइए — सांचों का “क्विक चेंजओवर” कही जाने वाली सस्ती विनिर्माण की लोकप्रिय तकनीक में से एक का उदाहरण लेते हैं

सांचों का क्विक चेंजओवर — केस स्टडी।

चेंजओवर में कटौती टोयोटा प्रोडक्शन सिस्टम की प्रमुख अवधारणाओं में से एक है

उपयोग किए गए उपकरण/सिद्धांत निम्नानुसार थे

1. SMED (डाई परिवर्तन में एक मिनट)। SMED के तीन प्रमुख चरण हैं

बाहरी चरणों (जब मशीन चल रही हो) से लेकर भिन्न आंतरिक चरण (जब मशीन चल नहीं रही हो)

आंतरिक चरणों का बाहरी चरणों में परिवर्तन

आंतरिक और बाह्य प्रसंस्करण चरणों का सरलीकरण

2. 5-एस सिस्टम: क्रमबद्ध, क्रम में व्यस्थित, चमकाना, मानकीकरण, और निर्वहन, जिनका प्रयोग “क्लियर टु क्लाउड" के लिए किया जाता है और कई अन्य सस्ती अवधारणाओं के लिए एक आधार माना जाता है

3. कार्य की समाप्ति के लिए “मानक संचालन प्रक्रिया”

इस विशेष चेंजओवर प्रोसेस के लिए मौजूदा सिस्टम निम्नानुसार था

औसत प्रति चेंजओवर: 120 मिनट

प्रति सप्ताह चेंजओवर की औसत संख्या = 8

इस प्रक्रिया की घटना से पूर्व अच्छे से निगरानी की गई थी। काईज़ेन प्रक्रिया के तहत — दल ने महत्वपूर्ण मुद्दों/समस्याओं के रूप में निम्नलिखित चीज़ों की पहचान की

उपकरणों और सामग्रियों की कोई योजना नहीं है

उपकरण एवं सामग्रियां ढूंढ़ने में बहुत सारा समय बिताया गया और उस दौरान मशीनें बंद थीं

सांचों व सामग्री के उचित भंडारण की व्यवस्था नहीं थी

खराब संचार को प्रमुख समस्या के रूप में पहचाना गया

जानकारी के लिए लोग दूसरे लोगों पर निर्भर हैं

मशीनें अक्सर बंद रहती हैं (सेट-अप प्रोसेस के पहले और बाद में)

नियोजन असंभव है क्योंकि अगले आवश्यक चेंजओवर की उचित जानकारी नहीं है

किसी काम को करने का सभी का अपना एक अलग तरीका है और यह प्रत्येक दल द्वारा हर बार अलग तरह से किया जा रहा है

बहुत सारा वेस्ट देखा गया (वाकिंग, वेस्टेड मोशन, आदि) — वह नोट भी कर लिया गया

मानकीकृत कार्य, 5एस, और SMED के सिद्धांतों का प्रयोग करते हुए, दल ने निम्नलिखित परिवर्तन लागू किए

दल ने “मानक संचालन प्रक्रिया” विकसित की जिसने प्रत्येक कार्य चरण और क्रमबद्ध तरीके और साथ ही प्रत्येक चरण से संबंधित समय की पहचान की। इसने अवस्थापन समय के बीच भिन्नताओं को महत्वपूर्ण रूप से कम किया। मानक कार्य ने बाह्य (जब मशीन चल रही है) बनाम आंतरिक (जब मशीन चल नहीं रही है) रूप से कार्य किए जाने की पहचान की

दल ने एक उचित संचार और जॉब कार्ड विकसित किया जो उचित नियोजन की सुविधा के लिए अगले परिवर्तन के तकनीशियनों को सचेत करने के लिए प्रयुक्त किया गया था

दल ने टूल बॉक्स का निर्माण किया जिसमें परिवर्तन करने के लिए आवश्यक सभी मानक उपकरण, पुर्जे और सहायक उपकरण शामिल थे

दल ने सांचों में उन संशोधनों की सिफारिश की और बाद में उन्हें लागू भी किया जिन्होंने आंतरिक सेट-अप समय को और अधिक कम कर दिया

निष्कर्ष:

उपरोक्त सुधारों के आधार पर, टीम ने चेंजओवर समय को 120 मिनट से 60 मिनट तक कम करने में सक्षम हो सका

इसने चेंजओवर समय में महत्वपूर्ण कटौती और मशीन के सक्रिय रहने के समय में महत्वपूर्ण बढ़ोत्तरी की सुविधा दी

अधिक प्रोडक्शन करने के लिए कंपनी अब मशीन के निष्क्रिय समय को प्रोडक्टिव समय में परिवर्तित करने में सक्षम हो गई