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श्री राहुल जैन, मैनेजिंग डॉयरेक्टर, पैरागॉन ऑटोटेक प्रोडक्ट्‌स (प्रा.) लि

पैरागॉन ऑटोटेक प्रोडक्ट्‌स (प्रा.) लि. एक फैमिली रन बिजनेस है जिसकी उत्पादन इकाई भिवाडी, राजस्थान में स्थित हैं। मुख्य रूप से ऑटोमोटिव एप्लिकेशनों के लिए मोल्डिंग रबर और प्लॉस्टिक कम्पोनेन्ट्‌स पैरागॉन का कोर बिजनेस है। 2011 में इकाई को आर्थिक संकट से जूझना पड़ा क्योंकि ग्राहक असंतुष्ट थे, सेल्स ग्राफ नीचे जा रहा था, सप्लॉेयर असंतुष्ट थे, और कर्मचारियों पर खर्च काफी अधिक था। इसलिए, कंपनी ने मार्च 2012 में अपना प्रचालन बंद कर देने का फैसला किया


श्री आर. बी. सिंह के नेतृत्व में सोनो कोयो स्टीयरिंग सिस्टम्स लि. के मार्गदर्शन में, कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज (सीआईआई) और जापान के प्रोफेसर शोजी शिबा और प्रोफेसर फुरूआशी की अगुवाई में जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जेआईसीए) द्वारा भारत में विश्वस्तरीय उत्पादन इकाईयां स्थापित करने के ध्येय के साथ संचालित विजनरी एसएमई (वीएसएमई) प्रोग्राम द्वारा हमारी मानसिकता बदलते हुए पैरागॉन ऑटोटेक की इस गिरती हालत में बदलाव किया जा सका


वीएसएमई प्रोग्राम, लीन टूल्स के प्रभावशाली क्रियान्वयन पर केंद्रित था। किसी उद्योग के सही काम करने के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत नीचे दिए गए हैं

 

6 सिग्मा, लीन का सबसे महत्त्वपूर्ण टूल है

 

लीन टूल्स के उपयोग से उद्योग में एक सुधार, और खुद सीखने की संस्कृति का विकास हुआ। इसने लोगों में टीमकार्य को भी बढ़ावा दिया

 

6एस लागू करने के नतीजे-

  • कर्मचारियों के मनोबल में बढ़ोत्तरी
  • कर्मचारियों में अनुशासन को बढ़ावा
  • स्वस्थ कार्य परिवेश का सृजन
  • 6एस लागू करने के बाद कर्मचारियों में अनुशासन के मामले में सुधार होने की वजह से रिजेक्शनों में कमी आई. पीपीएम (पार्ट प्रति मिलियन) रिजेक्शन लेवल 100% से भी अधिक कम हो गया
  • कर्मचारियों की गैरहाजिरी, और छोड़कर जाने के मामलों में छह महीने के दौरान 50% से अधिक कमी आई
  • रबर में यील्ड, छह महीनों में 48% से बढ़कर 82% हो गई

प्रोजेक्ट में कुछ प्वाइंट हाइलाइट किए गए जो नीचे दिए गए हैं:

  1. पुश के बजाय पुल: सिंगल पीस फ्लो से गुणवत्ता अपने-आप सुधरती है. इन्वेन्टरी में कुशन न होने की वजह से डिफेक्ट हाइलाइट हो जाते हैं और बहुत कम समय में ही करेक्शन करने होते हैं. गुणवत्ता में सुधार की वजह से उत्पादकता और कर्मचारियों के मनोबल में भी सुधार हुआ जो हमारी इकाई में दिखता है.
  2. फ्लो:सामग्रियों और जानकारी के प्रवाह के अध्ययन ने हमें वेस्ट के बारे में जानकारी दी. सामग्री (मैटेरियल) का मूवमेन्ट 190 मीटर से कम होकर 20 मीटर हो गया. इससे 3000 वर्ग फीट (वर्ग फीट) से अधिक एरिया की बचत हुई. समय के साथ इन्वेन्टरी में 2 महीने के लेवल से कटौती होकर 1.5 दिन तक रह गई. इस कमी की वजह से कैश फ्लो साइकल (नकद प्रवाह चक्र) में सुधार हुआ.
  3. पीडीसीए (प्लॉन डू चैक एक्ट) का उपयोग करते हुए मूल कारण विश्लेषण (रूट कॉज एनालिसिस): इस चक्र से गुणवत्ता सुधारने तथा उद्योग में सिस्टम स्थापित करने में मदद मिली.

प्रोजेक्ट के मुख्य निष्कर्ष

  1. बिजनेस के तीन मुख्य आधार होते हैं:

    कर्मचारी
    ग्राहक
    सप्लायर

    किसी सफल बिजनेस के लिए सभी तीनों समान रूप से महत्त्वपूर्ण हैं

  2. कैश, किसी बिजनेस की जिंदगी होता है:सभी गतिविधियां कैश फ्लो बढ़ाने पर फोकस रखकर की जानी चाहिए. इससे वेस्ट की पहचान के बारे में एक नया नजरिया मिलता है.
  3. पुल आधारित प्रबंधन:इससे प्रबंधन को सरल बनाने, तथा सिस्टम में वेस्ट कम करने में मदद मिलती है.
  4. प्रभावी संवाद:यह किसी बिजनेस में कैश फ्लो की तरह ही महत्त्वपूर्ण है.
  5. मार्गदर्शक सिद्धांत “व्यक्तियों का सम्मान”किसी संगठन में बेहतरीन संस्कृति बनाने में आश्चर्यजनक रूप से कारगर हो सकता है.

प्रभाव

1.उत्पादकता में 75% बढ़ोत्तरी by 75%

 

2. गुणवत्ता में सुधार और रिजेक्शन में 85% कमी

 


3. रबर यील्ड में 85% बढ़ोत्तरी

 

4. जगह का इस्तेमाल (स्पेस यूटिलाइजेशन) में 31% कमी


5.बिजली के खर्च में 54% कमी

6. कच्चे माल की खपत में 48% कमी

7. डिलीवरी में 54% सुधार

 

8. कर्मचारियों के छोड़कर जाने में 86% कमी

 

2011 से, हम न केवल अपने ग्राहकों का संतुष्टि स्तर बेहतर बनाने में कामयाब हुए हैं, बल्कि कर्मचारियों को वापस जोड़ने और सप्लॉयरों का भरोसा बढ़ाने में भी सफल रहे हैं। लीन से बिजनेस में कैश फ्लो बढ़ाने में मदद मिलती है, जिससे कारोबारी गतिविधियों में सकारात्मक चक्र प्रेरित होता है।