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जानें कि क्यों एनबीएफसी, एमएसएमई के लिए लोन के पसंदीदा स्रोत हैं?

भारत की जीडीपी, विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को पछाड़ते हुए लगातार तेज गति से बढ़ रही है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अनुसार, अगले वित्तीय वर्ष के लिए लगभग 7.80% वृद्धि का अनुमान है, जिसमें सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यम (एमएसएमई) इस वृद्धि की अगुवाई करेंगे

हालांकि, बैंकिग संस्थाओ के लिए अक्सर इतने व्यापक स्तर पर ग्राहकों को सेवाएं देना कठिन हो जाता है। चूंकि बैंक लोन्स का बड़ी कंपनियों द्वारा उपभोग बढ़ता जा रहा है, ऐसे में अनेक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) ने छोटे उद्यमियों पर अधिक ध्यान देना शुरू कर दिया है, जिससे एमएसएमई लोन पाना आसान हो गया है

चूंकि एनबीएफसी, एमएसएमई के बीच पसंदीदा ऋणदाता बनते जा रहे हैं, बैंकों और एनबीएफसी द्वारा कुल लोन्स में उनका हिस्सा 2017 में 15.5% हो गया है, जो कि 2008 से लगभग 6% अधिक है, ऐसा आरबीआई ने बताया है

एमएसएमई के बीच प्रमुख ऋणदाता के रूप में एनबीएफसी की इस अग्रणी भूमिका के कुछ कारण नीचे दिए गए हैं

 

धनराशियों का शीघ्र वितरण

बैंक से उधार लेने में सामान्यता परम्परागत कागजी कार्यवाही करनी पड़ती है और उधार देने की कड़ी प्रक्रिया शामिल होती है जो बिजनेस फंडिंग को अधिक समय लेने वाली प्रक्रिया बनाती है। दूसरी ओर, एनबीएफसी, अपनी न्यूनतम दस्तावेज अपेक्षाओं के साथ, धनराशियों का शीघ्र वितरण करते हैं। आपको लोन की कड़ी शर्तों और सत्यापन प्रक्रियाओं से नहीं गुजरता नहीं पड़ता और पैसा जल्दी प्राप्त हो जाता है

 

ब्याज की लचीली दरें

बाकी सभी मापदंड स्थिर मानते हुए, लोन पर ब्याज दर ऋणी के लिए निर्णायक वजह बन सकती है। इसलिए, यह सामान्य बात है कि लोन चाहने वाला ब्याज दर पर पारंपरिक रूप से सबसे ज्यादा ध्यान देता है। बैंकों की तुलना में एनबीएफसी आपके द्वारा प्राप्त किए जाने वाले एसएमई लोन पर कम ब्याज दरों की पेशकश करते हैं। इससे ईएमआई में कमी आती है, और कुछ सीमा तक आपको वित्तीय चिंताओं से राहत मिलती है

 

पात्रता के उदार मापदंड

पात्रता के शिथिल मापदंड, लोन स्वीकृत करने के मामले में एनबीएफसी को अपेक्षाकृत उदार बनाते हैं, जिनकी अनुमोदन प्रक्रिया आसान और तेज रहती है। जहां सभी तरह के ऋणदाता आमतौर से आपके क्रेडिट स्कोर, वर्तमान कर्जों से लेकर वार्षिक आय आदि सभी चीज़ों पर विचार करते हैं, वहीं ऐसे मापदंडों के मामले में एनबीएफसी अपेक्षाकृत अधिक लचीला रवैया अपनाते हैं। वास्तव में, आप कम क्रेडिट स्कोर के बावजूद एनबीएफसी से लोन हासिल कर सकते हैं। इससे नए बिजनेस उद्यम के लिए एमएसएमई लोन पाना आसान बन जाता है

इन सभी फायदों को देखते हुए, यह समझना आसान है कि उधार लेने के प्राथमिक स्रोत एनबीएफसी, एमएसएमई के बीच ज्यादा लोकप्रिय क्यों हैं। आरबीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, एनबीएफसी ने 2017 में व्यापारिक उद्योगों को 2.59 लाख करोड़ रूपए के लोन दिए, और इस तरह से उनकी 18% क्रेडिट आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद की है

इस वृद्धि को तेज करते हुए, रिलायंस मनी भी विविध क्षेत्रों में काम करने वाले उद्योगों को उनकी वित्तीय आवश्यकताएं पूरी करने के लिए व्यापारिक विस्तार हेतु लोन देता है, और उनको उनके काम-काज बढ़ाने तथा बिजनेस को अगली नई ऊंचाईयों तक ले जाने में मदद करता है