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अपने बिज़नेस के भविष्य का बेहतर पूर्वानुमान कैसे लगाएं

अगर आप कोई बिज़नेस चला रहे हैं तो आपको यह अच्छी तरह से पता होता है कि बिज़नेस अनिश्चितताओं से भरा होता है और आने वाले समय में आपको किसी भी प्रकार के जोखिम का सामना करना पड़ सकता है। आर्थिक मानदंडों के बेहद अस्थिर और एक-दूसरे पर निर्भर होने के कारण बिज़नेस में 'अस्थिरता' आती है। इसका मतलब यह है कि दुनिया के किसी भी कोने में घटने वाली कोई भी घटना आपके बिज़नेस में अच्छा खासा उतार चढ़ाव ला सकती है

अनिश्चितता के जोखिमों से अपने बिज़नेस को सुरक्षित रखने के लिए, बाजारों के भविष्य का पूर्वानुमान लगाना बहुत जरूरी है। ऐसे पूर्वानुमानों का उद्देश्य आपकी फर्म के विकास, लाभ, सेल्स या दूसरे किसी मानदंड को प्रभावित कर सकने वाली घटनाओं के बारे में जानकारी एकत्र करना होता है। इन आसान सुझावों को अपनाकर आप भविष्य के बाजार रुझानों और आपके बिज़नेस पर इसके प्रभाव का सटीक अनुमान लगा सकते हैं

 

समग्र बेंचमार्क आंकड़े सेट करें

लागत, सेल्स, प्रतियोगियों, सब्सिडरी, और कस्टमर बेस आदि के बारे में सभी तथ्य और आंकड़ें जुटाएं। इसके अलावा, केंद्रीय बजट में पिछली और वर्तमान सरकारी नीतियों, सरकारी नियमों और सुधारों के बारे में जानकारी एकत्र करें। इस सारे डेटा का विश्लेषण कर अपने बिज़नेस के लिए एक समग्र बेंचमार्क सेट करें। यह बेंचमार्क आपकी अपेक्षाओं को निर्धारित करेगा और इसके पूरा ना हो सकने की स्थिति का पूर्वानुमान लगाने में आपकी मदद करेगा

 

यथार्थवादी रहें

यदि आप अपनी वर्तमान और भविष्य की स्थिति को वास्तविकता से कम या अधिक आंकते हैं तो इस सारे पूर्वानुमान का कोई मतलब नहीं रह जाता है। अपने सभी बिज़नेस आंकड़ों को निर्धारित किए गए बेंचमार्क के अनुसार जांचें और अपने बिज़नेस की मौजूदा वास्तविक स्थिति के आधार पर इसके भविष्य का पूर्वानुमान लगाएं। इस दौरान किसी भी वास्तव में ना हुए सौदे या डील की गिनती ना करें

 

सबसे पहले दीर्घकालिक पूर्वानुमान लगाएं

सबसे पहले अपने दीर्घकालिक लक्ष्यों पर विचार करें। आप अगले 3-5 सालों में जिस माहौल में काम करने वाले हैं उसका पूर्वानुमान लगाने का प्रयास करें। लंबी अवधी के लक्ष्यों के आधार पर अपनी अल्पकालिक अपेक्षाओं और क्रियाकलापों का निर्धारण करें। अगर आप दीर्घकालिक आकलन के बिना छोटी अवधि का अनुमान लगाते हैं और भविष्य में यदि बाजार में कुछ बड़े उतार-चढ़ाव आ जाते हैं, तो आपके सारे अनुमान गलत सिद्ध हो जाएंगे

 

पहले लागत का आकलन, फिर राजस्व का पूर्वानुमान

अपने राजस्व लक्ष्य निर्धारित करने से पहले, लागत भिन्नताओं का पूर्वानुमान लगाना जरूरी है। इसके लिए आपको आपके बिज़नेस को चलाने वाले निश्चित और परिवर्तनीय खर्चों, विस्तार लागत, मुद्रास्फीति और विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव आदि की पहचान करनी होगी। ऑपरेटिंग कॉस्ट का मूल्यांकन आपको राजस्व का बेहतर अनुमान लगाने में मदद करेगा

 

सर्वश्रेष्ठ नतीजों के लिए प्रयास करें, बुरे से बुरे नतीजों के लिए तैयार रहें

अपने राजस्व लक्ष्यों और पूर्वानुमानों को इस तरह से सेट करें कि इसमें फर्म के उद्देश्यों को पूरी तरह से शामिल किया जा सके। पूर्वानुमान में उपभोक्ता मांग में अचानक वृद्धि और इसके कारण अचानक बढ़ने वाली सेल को समायोजित किया जाना चाहिए। हालांकि, इसमें इससे विपरीत स्थिति से निपटने के लिए आकस्मिक योजनाएं भी शामिल होनी चाहिए, भले ही आपका डेटा किसी भी ऐसी संभावित घटना की पुष्टि नहीं कर रहा हो

आप चाहे नए बिज़नेस का प्रचार कर रहे हैं या फिर पुराने बिज़नेस का विस्तार करना चाहते हैं, आने वाले समय के बारे में सही-सही जानकारी होना बहुत जरूरी हो जाता है। कई बार, आपको अचानक कैशफ्लो संकट का सामना करना पड़ सकता है और कार्यशील पूंजी तक त्वरित पहुंच की आवश्यकता होती है। आप ऐसी स्थिति में रिलायंस मनी से लोन लेने का विकल्प चुन सकते हैं और अपनी कंपनी को वित्तीय परेशानियों से बचा सकते हैं