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छोटे एवं मध्यम वर्ग के उद्योगों के लिए सामग्री की खरीदारी को कैसे बदल रहा है ई—कॉमर्स

छोटी या बड़े, निर्माण व्यवसायों के पास अपनी स्वयं की चुनौतियां हैं। अपने सीमित स्तर और ढांचे के कारण, छोटे व मध्यम वर्ग के उद्योगों (SME) के पास दूर करने के लिए अपनी समस्याएं और बाधाएं हैं। प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए, कम्पनियां लगातार नए रास्ते तलाशती रहती हैं जो चुनौतियों को दूर करने और रणनीतिक बढ़त पाने में मदद कर सकें। ऐसी ही एक रणनीति है क्रय प्रक्रियाओं की पुर्नकल्पना

200 SME में किए गए एक ग्रेहाउंड स्कल्प्ट सर्वेक्षण के अनुसार, 91% SME कच्चे माल का स्रोत तैयार करना अपने बिजनेस के लिए दूसरी सबसे बड़ी चुनौती मानते हैं (वित्त तक पहुंच सबसे बड़ी चुनौती मानी गई थी।) Tशोध ने चिन्हांकित किया कि प्रतिस्पर्धी कीमतों की कमी, समय पर सुपुर्दगी के मामले, अनियमित आपूर्ति, और भंडारण एवं गोदाम सुविधाएं अन्य प्रमुख क्रय—संबंधित चुनौतियां थीं

 

जबकि इन चुनौतियों का ध्यान रखने वाले अधिकतर SME निम्नलिखित कारण के चलते विवश हैं:

  • आपूर्तिकर्ता आधार तक सीमित पहुंच:
    आमतौर पर, एक SME की पहुंच स्थानीय कच्चे माल आपूर्तिकर्ताओं तक ही होती है. स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं पर अधिक—निर्भरता उनके व्यवसायों के लिए एक खतरा है, क्योंकि उनके पास अभिनव उत्पादों और कच्चे माल तक बहुत कम पहुंच होती है.
  • क्वालिटी एवं स्थिरता के मामले:
    भारतीय SME आमतौर पर अंतर्राष्ट्रीय निर्माताओं के साथ प्रतिस्पर्धा करने में असमर्थ होते हैं. हमारे उत्पाद अक्सर 'अंतर्राष्ट्रीय क्वालिटी का अभाव' के रूप में चिन्हित किए जाते हैं. तैयार माल की खराब क्वालिटी के प्रमुख कारणों में से एक है- कच्चे माल की खराब क्वालिटी. साथ ही, सीमित संसाधनों के कारण, SME अपने स्वयं के कच्चे माल के विकास और इंजीनियरिंग के लिए स्वयं की रिसर्च एवं डेवलपमेंट सुविधाएं स्थापित करने में असमर्थ होते हैं.
  • आगे बढ़ने की चुनौतियां:
    भारतीय SME अर्थव्यवस्थाओं से लाभ प्राप्त करने में कभी—कभार ही सक्षम हो पाते हैं क्योंकि वे बड़े पैमाने पर उत्पादन में सक्षम नहीं होते हैं. क्योंकि वे छोटे स्थानीय विक्रेताओं के साथ कार्य करते हैं जो बड़ी मात्रा में कच्चे माल की निरंतर आपूर्ति में असमर्थ होते हैं. SLA पर धोखाधड़ी और डिफॉल्ट संबंधी चुनौतियां भी बनी रहती हैं.
  • पारदर्शी भुगतान प्रणालियों का अभाव:
    छोटे एवं मध्यम वर्ग के व्यवसायों के पास अक्सर कार्यशील पूंजी संबंधी चुनौतियां रहती हैं. ऐसा लंबे भुगतान साइकल के साथ—साथ बिलिंग एवं प्राप्तियों के लिए एक अनियोजित ढांचे के कारण होता है. इसके अलावा, जैसे—जैसे भारत डिजिटल लेनदेन और सरलीकृत कर प्रणालियों को अपना रहा है, SME उन बहुत छोटे और अनियोजित विक्रेताओं के साथ कार्य करने में चुनौतियों का सामना करेंगे जो नई व्यवस्थाओं को अपनाने के लिए तैयार नहीं हैं.
    इसीलिए, छोटे एवं मध्यम वर्ग के उद्योगों (SME) के लिए विकसित और प्रतिस्पर्धी लाभ का माहौल तैयार करने के लिए, क्रय प्रक्रिया की कायापलट अनिवार्य है. विश्वसनीयता और वचनबद्धता को बढ़ावा देने और निर्वहनीयता व दृश्यता के सभी लक्षण जिसका बी2बी प्रोक्योरमेंट फ्यूचर ऑनलाइन है, के निर्माण के लिए एक नया, खुला, लचीला और पारदर्शी प्रोक्योरमेंट सिस्टम समय की मांग है!
 

ई—कॉमर्स का अंतर:
एसोचैम—फॉरेस्टर के एक अध्ययन के अनुसार, बी2बी ई—कॉमर्स के 2020 में 12000 करोड़ डॉलर तक पहुंचने की अपेक्षा है। वास्तव में, कुछ अध्ययनों ने यह दावा किया है कि बी2बी ई—कॉमर्स प्लेटफार्म के पास माल—सूची (इन्वेंटरी) की लागतों को 40% तक कम करने की क्षमता है!!

ई—कॉमर्स के टिकने के कुछ कारण निम्न हैं

  • कहीं से भी संसाधन जुटाना:
    पावर—2—SME, ट्रेडोहब, और इंडियामार्ट जैसे बी2बी ई—कॉमर्स प्लेटफॉर्म पूरे विश्व भर के विक्रताओं और आपूर्तिकर्ताओं का घर हैं. इन मंचों से खरीददारी कर रहे SME के पास समान कच्चे मालों के लिए एकाधिक विकल्प होते हैं. यह संभावनाओं की एक संपूर्ण नई श्रेणी को उजागर करती है.
  • JIT अपनाना और वेयरहाउस की लागत कम करना:
    बी2बी ई—कॉमर्स छोटे एवं मध्यम वर्ग के उद्योगों (SME) को अपनी कार्यशील पूंजी का अधिकतम फायदा उठाने की अनुमति देता है क्योंकि अब वे जेआईटी (जस्ट—इन—टाईम) क्रय रणनीतियों को लागू कर सकते हैं. यह उन्हें कुशलता से नियोजन करने और उनकी उत्पादन प्रक्रिया में ठीक समय पर अत्यावश्यक कच्चे माल को प्राप्त करने में भी मदद करता है. ई—कॉमर्स SME को कच्चे माल के भंडारण को कम करने की अनुमति भी देता है, जिससे गोदाम की लागतें भी कम हो जाती हैं.
  • मोल-भाव की उच्च शक्ति:
    चूंकि बी2बी ई—कॉमर्स कम्पनियां सीधे प्रमुख निर्माताओं से क्रय करती हैं, वे उच्च छूट एवं अधिमान्य कीमतों का लाभ उठाती हैं, एक ऐसा लाभ जो कोई अकेला SME शायद प्राप्त न कर पाए. इसलिए, एक बी2बी प्लेटफॉर्म के माध्यम से खरीदारी करने पर SME को कम कीमतों पर बेहतर क्वालिटी वाले कच्चे माल की प्रप्ति होती है.
  • पूंजी की पर्याप्त उपलब्धता
    चूंकि बी2बी से खरीदारी करने पर उच्च कार्यशील पूंजी की आवश्यकता कम हो जाती है, यह लागतों को कम करती है, और बिजनेस को अधिक लाभप्रद बनाती है. इसलिए, छोटे एवं मध्यम वर्ग के उद्योग (SME) को बिजनेस चलाने के लिए व्यापार ऋणों का लाभ उठाना और धन एकत्रित करना आसान हो जाता है. ऋणदाताओं को भी लाभ होता है क्योंकि उनका बिजनेस भी बढ़ता है.
    ऑनलाइन खरीदारी से होने वाले लाभ चिंताओं (यदि कोई हो) को कहीं दूर कर देते हैं. महज कुछ समय की बात है, उसके बाद SME संसाधन प्रप्ति की नई प्रणाली के साथ सहज हो जाएंगे जिसमें उनकी पूंजी की आवश्यकताओं में क्रांतिकारी बदलाव लाने और उत्पादन लागतों में कटौती करने की पूरी क्षमता है.

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