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GST और छोटे व मध्यम उद्यमों (SME) पर इसका प्रभाव

माल और सेवाओं की बिक्री पर कर का क्रमिक प्रभाव समाप्त करके देश की अर्थव्यवस्था में सुधार करना, सरकार द्वारा लगाए गए माल एवं सेवा कर का प्रमुख उद्‌देश्य है। 1954 में GST लगाने वाला पहला देश फ्रांस था। भारत सरकार ने 7 जुलाई, 2017 को यह व्यवस्था अपनाई

हालांकि वह सिस्टम जिसमें CGST, SGST, और IGST शामिल है, ने पूर्ववर्ती कर प्रणाली को बदल दिया है, इसमें SME के लिए विविध चुनौतियां निम्न हैं

 
  • रिकार्ड रखना और डाटा की संभाल
  • कारोबारी प्रक्रियाओं में विविध परिवर्तनों की आवश्यकता
  • अनुपालना की वृहद आवश्यकता
  • इनपुट कर क्रेडिट की चुनौतियां
  • नई कर व्यवस्था के बारे में दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए कर्मचारियों का प्रशिक्षण
  • कई कर दरें:- GST को एकसमान कराधान के उद्‌देश्य से लागू किया गया था. लेकिन यह देखना दुखद है कि समाज का गरीब तबका इससे प्रभावित हुआ हैं.
  • उच्च कर दरों का भय:- कुछ मामलों में, कर के स्लैब जटिल हैं. और उच्च कर दरों का भय लगातार बना रहता है.
  • संबंधित पक्षों के बीच मुफ्त आपूर्तियों पर (पार्टियों) :- चूंकि संबंधित पार्टियां एक दूसरे को प्रत्यक्ष या कर परोक्ष नियंत्रित करती हैं, इसलिए सरकार को कम GST मिलने की संभावना रहती है.

इन चुनौतियों के बावजूद तथा अप्रत्यक्ष करों को दृष्टिगत रखते हुए, SME और उपभोक्ताओं के लिए कुछ फायदे भी हैं। कुछ फायदे यहां दिए गए हैं

  • उपभोक्ताओं को उत्पाद कीमतों में घटोत्तरी का लाभ मिलता है.
  • सभी अप्रत्यक्ष कर एक ही व्यवस्था में आ जाने के कारण राज्य और केंद्र सरकार पर बोझ में कमी.
  • GST के माध्यम से SME को कर लाभ. कम्पोजिशन स्कीम के माध्यम से, वे कम कर चुकाने हेतु पात्र होते हैं.
  • GST आ जाने से डिजिटलीकरण का रास्ता साफ हुआ है.
  • ऑनलाइन कर भुगतान प्रक्रिया ने एकाउंटिंग को आसान, सुगम्य और पारदर्शी बना दिया है.
 

नई कर संरचना, पुरानी से किस तरह से भिन्न है?

अप्रत्यक्ष करों की पुरानी कराधान प्रणाली और वर्तमान GST व्यवस्था के बीच काफी अंतर हैं

 
  • पुरानी व्यवस्था में कर दो अलग-अलग सरकारों द्वारा लगाए जाते थे. एक्साइज डि्‌यूटी केंद्र सरकार द्वारा जबकि VAT/CST राज्य सरकार द्वारा लगाया जाता था.
  • विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले करों में भिन्नता थी जिससे कम कर दरों वाले राज्यों में उत्पादन और निर्माण इकाईयां केंद्रित हो जाती थीं. हालांकि वर्तमान GST व्यवस्था में केवल एक कर है जिसमें CGST-केंद्रीय माल एवं सेवा कर, SGST-राज्य माल एवं सेवा कर, तथा IGST- एकीकृत माल एवं सेवा कर शामिल है तथा इनकी दरें भी पूरे देश में एक समान हैं.
  • पुरानी प्रणाली में, पुराने कर नियमों के तहत अनेक कर लगाए जाते थे जैसे कि एक्साइज डि्‌यूटी, ऑक्ट्रॉय, VAT, CST, मनोरंजन कर, और लग्जरी कर. GST के अंतर्गत पूरे राष्ट्र के लिए केवल एक कर है. इससे अनुपालना की जटिलताएं कम हुई हैं.
  • पुरानी व्यवस्था में पृथक भुगतानों और रिटर्नों के बजाय अब वर्तमान GST कर के तहत केवल एक रिटर्न (3 भाग में) दाखिल करना होता है

निष्कर्ष

हां, GST को अनेक चुनौतियों के साथ लागू किया गया लेकिन लंबे समय में जब कारोबारी, इस कर ढांचे के अभ्यस्त हो जाएंगे तो इसके अनेक लाभ प्राप्त होंगे