ताजा अपडेट के लिए सब्सक्राइब करें

Text to Identify Refresh CAPTCHA कैप्चा रीफ्रेश करें

*साइन-अप करके मैं रिलायंस मनी से ई-मेल प्राप्त करने के लिए सहमत हूं

 

बदलते वैश्विक बाजार में छोटे एवं मध्यम वर्ग के उद्योगों (SME) द्वारा अपनाए जाने वाले चार मंत्र

श्री एस. वेंकटरमन

छोटे एवं मध्यम वर्ग के उद्योग (SME) राष्ट्रीय व्यापार और औद्योगिक ढांचे का तानाबाना बुनते हैं। SME की मजबूती प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं की स्थिरता तय करती है। आंकड़ों के अलावा, आज भारतीय अर्थव्यवस्था SME और उसकी ताकत पर अत्यधिक निर्भर करती है

एक स्वस्थ और गतीशील अर्थव्यवस्था में बाजार की समग्र विशेषताओं और इसकी आकांक्षाओं में परिवर्तन के साथ पंक्तिबद्ध होने के लिए SME को— विनिर्माण और सेवा दोनों क्षेत्रों में — समय—समय पर— अपने सिद्धांत, कार्य और मानसिकता — पुनर्गठन करने की आवश्यकता होती है। भारतीय राष्ट्र के दृष्टिकोण और पद्धति में ऐसा ही एक प्रमुख परिवर्तन "मेक इन इंडिया" और "डिजिटाइज इंडिया" के प्रयास में प्रतिबिंबित होता है। ऐसी नीतियां हमारे राष्ट्र की इच्छाक्ति में परिवर्तन यानि वैश्विक स्तर पर — अपनी आर्थिक और नेतृत्व में बदलाव की स्थिति को प्रतिबिंबित करती हैं।
भारतीय SME को बदलती मनोदशा में स्वयं को बनाए रखने के लिए क्या करना चाहिए? वे कैसे लाभ उठा सकते हैं और हो रहे परिवर्तनों में किस तरह महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं? निम्नलिखित चार मंत्र SME को उनके लाभ के लिए परिवर्तन लाने में मदद करेंगे। हालांकि, यह मंत्र सामान्य है और सभी क्षेत्रों पर लागू होते हैं, लेकिन सरलता के लिए ये विशेष तौर पर इंजीनियरिंग क्षेत्र के लिए सही सिद्ध हो रहे हैं

 
  1. मशीनों, प्रणालियों और तरीकों का आधुनिकीकरण: नब्बे के दशक के अंत में, बाजारों में अलग—अलग कीमतों के स्तर पर उत्पादों में पृथक एवं परिष्कृत क्वालिटी की मांग तो थी पर हमेशा लंबे समय तक चलने वाले उत्पाद चहिए होते थे. उदाहरण के लिए ऑपरेशन में लगने वाले समय पर ध्यान दिए बिना उत्पादों में लाखों ऑपरेशन की जांच की जाती थी. आज, बाजार को एकदम सही या उपलब्ध बेहतरीन परिष्कृत क्वालिटी चहिए. ऐसे में ग्राहक उत्पाद के पुराने होने का इंतजार नहीं करते लेकिन नए फीचर के साथ ही एक बेहतर उत्पाद अपनाना चाहते हैं. यानि, बाजार अपेक्षाकृत कम चलने वाले उत्पाद को स्वीकार करने के लिए तैयार है. इस विचार को आगे और बल मिलता जाता है, क्योंकि लगभग हर दशक या उससे भी कम समय में उत्पाद डिजाइन और विशेषताएं अधिक बेहतर होने के लिए बदलावों से गुजरती रहती हैं. ये बदलाव बाजार की उस उम्मीद के कारण होते हैं जिसमें कार्यात्मक उपयुक्तता और विशेष “मांग”से इतर उच्च क्वालिटी एवं पूर्णता अनिवार्य है. बाजार उत्पाद के कम चलने को स्वीकार करने के लिए तैयार है लेकिन कम लागत के बदले खराब फिनिश और कमतर क्वालिटी स्वीकार नहीं है.
 

इस प्रकार, उच्च विश्वसनीयता सुनिश्चित करने और उत्पादों की एक समान क्वालिटी प्राप्त करने के लिए — मशीनें और प्रसंस्करण उपकरण विगत कुछ वर्षों में बढ़े परिवर्तनों से गुजरे हैं। बेहतर प्रक्रियाओं और पद्धतियों में लगभग समान परिवर्तन हुए हैं। इस संदर्भ में हम इंजीनियरिंग क्षेत्र का एक सरल उदाहरण दे सकते हैं

  • आज के बाजार में, अधिकतर ग्राहक "रफ मशीनिंग" परिसज्जा को आसानी से स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं, चाहे परिसज्जा कार्यात्मक रूप से उपयुक्त ही क्यों न हो. ग्राहक अपेक्षा करते हैं कि अन्य चीजों की तुलना में परिसज्जा सबसे "उत्कृष्ट मशीनिंग" में से एक होनी चाहिए.
 

बाजार के इस विकास ने SME को मशीनों के साथ—साथ अपनी प्रक्रियाओं और तरीकों को बदलने के लिए प्रेरित किया है। इसमें कोई शक नहीं है कि इसमें पूंजी लगती है। SME को बाजार की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर इस परिवर्तन को स्वीकार करना चाहिए।
साथ ही, सरकार और सरकारी एजेंसियों को उचित उपायों द्वारा "मशीनरी प्रतिस्थापन/आधुनिकीकरण योजना" का समर्थन और प्रोत्साहन करने की भी आवश्यकता है। इसे SME विकास योजना का एक अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। कोई भी ऊपरी बदलाव पर्याप्त नहीं होगा और छोटे एवं मध्यम वर्ग के उद्योगों (SME) और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में वृद्धि के लिए एक प्रमुख प्रतिस्थापन नीति का होना अनिवार्य है

  • इस क्षेत्र यानि सेवा उद्योगों से बाजार को अधिक अपेक्षा है। इसे एक व्यावहारिक उदाहरण से समझते हैं. इसे एक व्यावहारिक उदाहरण से समझते हैं- एक टैक्सी चालक से उचित किराए के साथ यात्रा के विवरण की प्रिंट की हुई रसीद प्राप्त करने की अपेक्षा की जाती है. यह सरल उदाहरण बिना किसी अतिरिक्त लागत के — बेहतर सुविधाओं और सीमांत लाभ की आवश्यकता पर जोर देता है — हालांकि अधिकतर ग्राहकों को "ऐसी कोई आवश्यकता नहीं होती है".

 

2. बाजार में हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए हर कीमत पर क्वालिटी देना: जैसा कि पिछले मंत्र में बताया गया, बाजार बेहतर प्रॉडक्ट चाह रहा है। "बेहतर क्वालिटी यानि उच्च लागत" की अवधारणा उन बेहतर प्रक्रियाओं एवं पद्धतियों के विकास के द्वारा खंडित हो गई है जो लागत में समान और मामूली वृद्धि के साथ उत्पादकता बढ़ाती हैं। निरंतर और तैयार उपलब्धता बाजार को ऐसी मामूली वृद्धि का अवशोषण करने के लिए प्रेरित करेगी

  • एक खास उदाहरण है पैकेजिंग पद्धतियां. एक दशक पहले, किसी ने भी बोतलबंद पानी का सपना नहीं देखा होगा (जिसमें एक लागत तत्व जुड़ा है) लेकिन अब यह लगभग एक "रोजमर्रा" के उपयोग की चीज बन चुकी है.
  • इंजीनियरिंग क्षेत्र में, सीएनसी व 3डी प्रिंटिंग पर आधारित मशीनों के संभावित प्रयोग के चलते बैच के आकार में जबरदस्त कमी आई है. इस अवधारणा का प्रयोग करते हुए अब कोई भी जटिल भाग बनाना आसान है — थोड़े से अधिक लेकिन स्वीकार्य लागतों पर. समय की बचत और बनाने की सरलता (पारंपरिक प्रतिमान बनाने की प्रक्रियाओं की तुलना में) इस मार्ग को तरीके को पसंदीदा बनाते हैं.
 

3. प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केन्द्रण और नेट मार्केटिंग एवं "ऑन लाइन" लेन—देन जैसी नई तकनीकें और दृष्टिकोण अपनाएं। यह छोटे एवं मध्यम वर्ग के उद्योगों (SME) को उनकी लागतें नियंत्रित करने और उपयोगकर्ताओं के लिए किफायती बने रहने में मददगार सबित होगी। यह SME को आईसीटी के क्षेत्र में स्वयं को कुशल बनाने की आवश्यकता पर जोर देगी। उन्हें अपने सभी सहयगियों — उद्यमियों और कर्मचारियों दोनों — को कुशल बनाना चाहिए।
उदाहरण के लिए, आईसीटी के उचित प्रयोग से आगरा के किसी दूरदराज के क्षेत्र का SME, किसी मध्यस्थ एजेंसी की मदद के बिना, लागत व समय में बचत करके अमेरिका के नवादा में "वन ऑफ स्पेयर्स" की मांग के लिए किसी संगत SME की आपूर्ति संबंधी आवश्यकताओं को पूरा कर सकता है

 

4. आधुनिक विश्व में इनोवेशन व्यवसाय का सार है। वर्तमान वैश्विक बाजार में विकास के लिए परिवर्तन और परिवर्तन के लिए विकास महत्वपूर्ण है। यह परिवर्तन SME की तरफ से आने होंगे। सरकारी एजेंसी समेत सभी एजेंसियां केवल सहायता प्रदान कर सकती हैं। परिवर्तन निम्नानुसार हो सकता है: SME को अपनी प्रक्रिया क्षमताओं के आधार पर अपना बाजार निर्धरित करना चाहिए, न कि घटकों की उन संकीर्ण श्रृंखला के द्वारा जिसे नियमित रूप से बना रहे थे

  • उदाहरण के लिए, पंप निर्माताओं को पुर्जों और स्पेयर्स हेतु — अपने बाजार के लिए घूमने वाले मशीनरी खंड के बड़े क्षेत्र पर ध्यान देना चाहिए. इसमें कोई शक नहीं है कि ऐसी उत्पाद श्रृंखला के विस्तार में थोड़ा निवेश तो करना होगा लेकिन यह वर्तमान बाजार के माहौल में अनिवार्य है.

यदि उपर्युक्त मंत्रों को स्वीकार किया और अपनाया जाता है, तो छोटे एवं मध्यम वर्ग के उद्योग (SME) बाजार की अपेक्षाओं के साथ कदम से कदम मिलाकर एक बहुत बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं