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क्या आप हेल्थकेयर से जुड़े हुए हैं? जानें कैसे ब्लॉकचेन भारत में इस इंडस्ट्री को बदल सकती है

आसान शब्दों में ब्लॉकचेन, ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड और अन्य डेटा को कई कंप्यूटर पर स्टोर करने का विकेंद्रीकृत सिस्टम है. डेटा तिथि के अनुसार समय का स्टाम्प लगी श्रृंखला में रिकॉर्ड किया जाता है और इसे बदला नहीं जा सकता है. इसमें डेटा के सत्यापन के लिए तृतीय पक्ष की भागीदारी शामिल नहीं होती है और डेटा लेजर को सुरक्षित रखने के लिए क्रिप्टोग्राफी का उपयोग किया जाता है. ब्लॉकचेन में शामिल प्रत्येक व्यक्ति के साथ लेजर का खुलासा और उसका डिस्ट्रीब्यूशन किया जाता है

ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी द्वारा प्रदान किए जाने वाले बेहद सुरक्षित फीचर से हमें यह समझने में मदद मिलती है कि यह भारत में हेल्थकेयर इंडस्ट्री को कैसे बदल सकता है, जो सरकार द्वारा की गई कई पहलों के कारण तेजी से बढ़ रहा है

 

डेटा खोने का कोई डर नहीं

ब्लॉकचेन, हेल्थकेयर इंडस्ट्री में रिकॉर्ड किए गए डेटा में विकेंद्रीकरण लाता है, जिससे मरीज से संबंधित कोई डेटा कभी नहीं खोता है. इसे बदला नहीं जा सकता है और इसे केवल ब्लॉक द्वारा ही अपडेट किया जा सकता है

हेल्थकेयर में ब्लॉक के मालिक उस ट्रांजैक्शन में शामिल व्यक्तियों यानी मरीज, डॉक्टर या हॉस्पिटल और ब्लॉकचेन अथॉरिटी होते हैं. एक ब्लॉक द्वारा किए गए बदलाव को अन्य ब्लॉक द्वारा अप्रूव किया जाता है. डेटा का खोना, हेल्थ प्रोफेशनल और मरीजों के लिए बड़ी समस्या का कारण बन सकता है

 

डेटा का आसान एक्सेस और पारदर्शिता

ब्लॉकचेन में डेटा की पारदर्शिता बनी रहती है. चाहे व मरीज का मौद्रिक ट्रांजैक्शन हो या उसकी मेडिकल हिस्ट्री, यह चेन के ब्लॉक के लिए पारदर्शी रहती है. तिथि के अनुसार रिकॉर्ड होने से हेल्थकेयर प्रोफेशनल के लिए मरीज की मेडिकल हिस्ट्री का एक्सेस और एनालिसिस आसान हो जाता है

ऐसी ​स्थिति में, हेल्थकेयर प्रोफेशनल बेहद आसानी से कहीं से भी मरीज से संबंधित डेटा को एक्सेस कर सकते हैं

 

सुरक्षा

ब्लॉक को उनकी सुरक्षित डिजिटल पहचान के साथ माइक्रो स्तर की सुरक्षा प्रदान की जाती है. यह पहचान अलग से सीक्रेट-की-क्रिप्टोग्राफी से बनाई जाती है. मैक्रो स्तर पर, अगर चेन में कोई नया ब्लॉक जोड़ा जाता है, तो इसे अन्य ब्लॉक के अप्रूवल की आवश्यकता होती है

यह प्रक्रिया किसी हैकर या बिना अधिकार प्रवेश करने वाले तृतीय पक्ष द्वारा किए गए बदलाव से बचाती है, क्योंकि डेटा में किए गए किसी भी बदलाव को सभी ब्लॉक की अनुमति की आवश्यकता होती है

 

बहुत कम शुरुआती समस्याएं

भारत की हेल्थकेयर इंडस्ट्री में ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का परिचय मेडिकल रिकॉर्ड, इंश्योरेंस फ्रॉड, डेटा उल्लंघन आदि जैसी समस्याओं को कम करेगा, और इस क्षेत्र के विकास को पूर्ण तरीके से आगे बढ़ाएगा

इस टेक्नोलॉजी से देखभाल करने वाले और मरीज दोनों का फायदा हो सकता है. यह डेटा के मौजूदा जटिल स्टोरेज सिस्टम में सुधार करेगा और उसके लिए अधिक विश्वसनीय और सुरक्षित सिस्टम स्थापित करेगा. इसके अलावा, ब्लॉकचेन तीसरे पक्ष की भागीदारी को समाप्त करके पूरी चेन को मध्यवर्तियों से मुक्त करता है. यह क्लेम-सेटलमेंट की प्रक्रिया को काफी हद तक तेज कर सकता है. हालांकि, मुख्य चुनौती इसे लागू करना और मेनटेन रखना है

 

फंड की आवश्यकता

साथ ही, ब्लॉकचेन काफी महंगा है. उच्च वार्षिक मेनटेनेंस खर्च के साथ-साथ इसकी अपफ्रंट लागत कई लाख रुपये है. रिलायंस मनी का बिज़नेस एक्सपेंशन लोन, इस टेक्नोलॉजी को आपकी प्रैक्टिस में लाने के लिए आवश्यक फाइनेंशियल सहायता प्रदान करता है. ऑफर के बारे में अधिक जानकारी यहां से पाएं