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क्या आप क्राइसिस मैनेजर (आपदा प्रबंधक) हैं? अधिक जानने के लिए इसे पढ़ें

कंपनी में कोई क्राइसिस (आपदा) कोई नई बात नहीं है। क्राइसिस अंदरूनी और बाहरी दोनों तरह की वजहों से खड़ी हो सकती है। क्राइसिस मैनेजमेन्ट एक ऐसी कला है जिसके लिए धैर्य, दृढ़ता, और सबसे बढ़कर शांत दिमाग की आवश्यकता होती है। आइए जानें कि आप किस तरह ऐसा कर सकते हैं

 

दिमाग को शांत रखें

शांत और ठंडा दिमाग, टॉप क्राइसिस मैनेजर बनने की दिशा में पहला प्रमुख गुण है। व्याकुलता दिखाने से स्थितियां और ज्यादा खराब हो जाती हैं। दूसरी ओर, उस स्थिति में रिलैक्स रहने से न केवल व्यावहारिक समाधान खोजने में, बल्कि क्राइसिस के बाद कंपनी को फिर से खड़ा करने में मदद मिलती है

यदि कठिन दौर में भी आप खुद को शांत रख सकें, तो आप न केवल क्राइसिस हल कर सकते हैं, बल्कि कंपनी में अन्य लोगों को एक सकारात्मक संदेश भी दे सकते हैं। यह नए आने वाले तथा फ्रेशर्स के लिए खासतौर से फायदेमंद होगा, जो ऐसी परिस्थितियों में विचलित हो सकते हैं

 

संवाद

क्राइसिस के समय, अफवाहें ज्यादा और तेजी से फैलती हैं। वे क्राइसिस को और गंभीर बनाकर पेश करती हैं, और इसलिए जल्दी से जल्दी सभी हितधारकों से संवाद स्थापित करना ज़रूरी है, इससे पहले कि हालात हाथ से निकल जााएं। संवाद के बिना क्राइसिस का प्रबंधन करना लगभग असंभव होता है

क्राइसिस मैनेजर होने के नाते, कंपनी में हर एक से तत्काल जुड़ना और बातचीत करना तथा परिस्थिति के बारे में उनको जागरूक करना आपकी जिम्मेदारी है। भरोसा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है, जो कि क्राइसिस का कारगर ढंग से सामना करने के लिए दो बहुत आवश्यक बातें हैं

 

एक रचनात्मक तरीका

प्रत्येक क्राइसिस अपने-आप में अद्वितीय होती है और इसलिए उसे हल करने के लिए रचनात्मक तरीका चाहिए। क्राइसिस मैनेजर होने पर आपको लीक से हटकर विशेष समाधान सोचना पड़ता है। आजमाई हुई और जांची-परखी तरकीबें कदाचित ही काम करती हैं और इसलिए दिमाग का रचनात्मक इस्तेमाल करना ज़रूरी बन जाता है

टॉप क्राइसिस मैनेजर, विभिन्न तरह की क्राइसिस प्रबंधित करने के अपने अनुभवों की वजह से स्वतः ही यह रवैया अपना लेते हैं। अनुभवों से सीखी कुशलता, रचनात्मक तरीका, किसी असुविधाजनक स्थिति का बेहतर सामना करने में आपकी मदद करेगा

 

बाहरी घटनाओं को लेकर जागरूकता

जहां क्राइसिस के समय अंदर की स्थितियों को लेकर सजग रहना ज़रूरी है, वहीं एक अच्छा क्राइसिस मैनेजर बाहर घटित होने वाली घटनाओं की भी समान रूप से जानकारी रखता है, जिनका कंपनी में हो रही बातों पर संभावित असर पड़ सकता है

कभी-कभी बाहरी घटनाओं की वजह से क्राइसिस बढ़ जाती है और इससे बड़ी जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। यदि आप क्राइसिस मैनेजर हैं या बनना चाहते हैं, तो बाहरी घटनाओं का प्रभाव कम करना आपकी जिम्मेदारी है

 

निर्णय लेने की क्षमता

निर्णय लेने का काम केवल शीर्ष पदाधिकारियों का ही नहीं होता, और न ही होना चाहिए। क्राइसिस मैनेजर के रूप में आपमें निर्णय करने, और यदि आवश्यक हो तो कड़े फैसले करने की भी क्षमता और आत्मविश्वास होना चाहिए। इसका यहीं समापन नहीं होता

परिस्थितियों से कारगर ढंग से निबटने, तथा सभी कर्मचारियों और हितधारकों का भरोसा और आत्मविश्वास बहाल करने के लिए निर्णयों को सही प्राथमिकता देना भी समान रूप से महत्त्वपूर्ण है

क्राइसिस कम करने के लिए, और क्राइसिस मैनेजर नियुक्त करने के लिए भी अपने व्यावसायिक विस्तार ऋण का उपयोग करें। टीम भावना से कार्य करने, तथा रणनीतिक और प्रमुख पक्षों से स्वस्थ संबंध बनाकर बिजनेस से संबंधित योजना तैयार करना, एक अच्छे क्राइसिस लीडर का एक अन्य महत्त्वपूर्ण गुण है। चूंकि क्राइसिस अनपेक्षित रूप से आ सकती है, इसलिए इसके लिए पहले से तैयार रहना बहुत आवश्यक होता है