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SME के लिए सेवाप्रदाता (वेंडर) के बेहतर मैनेजमेन्ट के लिए 5 सुझाव

वेंडर मैनेजमेन्ट के अंतर्गत कंपनी उन सेवाप्रदाताओं (वेंडर्स) का प्रबंधन (मैनेजमेन्ट) करती है जिनके साथ वह काम करती है। इसके अंतर्गत आप अपने सप्लॉयरों और सेवाप्रदाताओं से संबंध भी बनाते हैं, जिससे वेंडर और क्लाइंट के बीच संबंध पर लागू अनुबंध पूरे करने में मदद मिलती है। यह मामूली चीज़ लग सकती है, लेकिन किसी भी कारोबार की वृद्धि के लिए वेंडर मैनेजमेन्ट बहुत महत्त्वपूर्ण है। इसलिए, वेंडर मैनेजमेन्ट की प्रक्रिया समझना, और स्थायी संबंध बनाने के सर्वोत्तम उपाय अपनाना बहुत महत्त्वपूर्ण है

 

इस आलेख में हम वेंडर मैनेजमेन्ट में सफलता के सुझावों, तथा सर्वोत्तम विधियों पर, तथा कंपनी-वेंडर संबंध को सर्वाधिक लाभकारी बनाने के तरीकों पर बात करेंगे.

 

जानकारियां और प्राथमिकताएं:-

जिन वेंडरों के साथ आप काम करते हैं, वे आपकी सफलता में बड़ी भूमिका निभाते हैं। वे आपको वह माल और सेवाएं प्रदान करते हैं जो आपका बिजनेस ठीक ढंग से चलाते रहने व बढ़ाने के लिए ज़रूरी है। अपने सभी वेंडर्स से पारदर्शिता रखना, कंपनी की जिम्मेदारी है। इसकी शुरूआत उनको कंपनी की रणनीतिक योजनाओं में शामिल करने, कारोबार के उद्‌देश्य/प्राथमिकताएं साझा करने, आपके कारोबार के लिए एक सम्पूर्ण विज़न साझा करने, तथा मुख्य कर्मचारियों में बदलावों से उनको अवगत कराने से होती है। चाहे कोई बदलाव किया जाना हो, नए उत्पाद की लांच/उत्पाद का प्रोमोशन होना हो, या नई घोषणाएं होनी हों, कंपनी को वेंडर्स/सप्लॉयर्स को सूचित करना होता है, जिससे वे कंपनी के एक अंग बन जाते हैं

 

प्रतिबद्धताओं और प्रतिस्पर्धा में संतुलन बनाएं:-

जहां वर्तमान प्रतिस्पर्धी औद्योगिक परिदृश्य के कारण लगातार तनाव बना रहता है, वहीं आपको अपने वेंडर्स से वचनबद्धता भी निभानी होती है। इसलिए, यह अनिवार्य है कि प्रतिस्पर्धा और प्रतिबद्धता एक-दूसरे को प्रभावित न करने पाएं। इन दोनों ज़रूरी चीज़ों के बीच समान संतुलन साधने की कला सीखना, कारोबार की सफलता के लिए आवश्यक है। यह प्रभावी वेंडर मैनेजमेन्ट का एक प्रमुख कारक (फैक्टर) भी है

 

Allow key vendors to help you strategize:-

वेंडर्स/सप्लॉयर्स को अपनी कारोबारी योजना में शामिल करें। इससे आपको मौजूदा परिदृश्य को जानने, प्रतिस्पर्धा को समझने, और उत्पाद नवप्रवर्तन में योगदान में मदद मिलेगी। वास्तव में, अपने वेंडर्स के जरिए प्रतिस्पर्धा को समझने से आपको कारोबार में रणनीतिक फायदा भी मिल सकता है

 

लंबे समय की साझेदारियां बनाएं:-

भविष्य को लेकर विज़न (दूरदर्शी नजरिया), किसी साधारण विचार को महान सोच में बदल देता है। इसलिए, वचनबद्धताएं करने तथा उन पर कायम रहने की आवश्यकता होती है। इससे न केवल आपको उनसे एक मजबूत रिश्ता कायम रखने में मदद मिलेगी, बल्कि नेगोशिएशन में आपको बेहतर लाभ भी मिलेंगे। जिन वेंडर्स के साथ आप लंबे समय तक काम करेंगे, वे कार्यशैली को अपना लेंगे और गलतियां तथा समस्याएं होने की संभावनाएं खत्म हो जाएंगी। इसके अलावा, वर्षों का लंबा समय, आपसी भरोसे और निष्ठा की भावना भी मजबूत बनाएगा

 

परस्पर लाभकारी समझौते पर पहुंचें:-

जहां यह समझने लायक है कि कंपनी सर्वोपरि है, वहीं इस बात पर भी जोर देना समान रूप से महत्त्वपूर्ण है कि हमारे वेंडर्स, कंपनी को सफल बनाने में एक अभिन्न भूमिका निभाते हैं। तो, जब आप किसी निर्णायक दौर में हों, तो उसके हानि-लाभों पर विचार करके ही निर्णय लेना उचित होता है। आपको व्यावहारिकता के साथ तार्किकता भी अपनानी होगी। पारस्परिक लाभकारी समझौता सदैव फायदेमंद रहता है। क्योंकि यह फैसलों में दोनों पक्षों की समान भागीदारी सुनिश्चित करता है

 

निष्कर्ष

वेंडर मैनेजमेन्ट, किसी भी सफल कंपनी का एक अभिन्न अंग है। 1993 से शुरू इस कारोबारी प्रक्रिया ने न केवल एक चलन कायम किया है, और यह कंपनी के विकास के साथ उसकी सुदृढ़ता में भी भूमिका निभाता है