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कार इंश्योरेंस के 4 एड-ऑन जिन पर आपको अवश्य विचार करना चाहिए

कॉम्प्रिहेंसिव मोटर इंश्योरेंस लेना एक समझदारी भरा निर्णय लग सकता है, पर कुछ पॉलिसीधारक यह जानते हैं कि यह पॉलिसी भी सीमाओं और शर्तों की भूल-भुलैया में फंसी हुई है

स्टेंडर्ड मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी चोरी, विस्फोट, आग, दंगे और दैवी घटना के कारण हुए नुकसान की भरपाई करती है। कुछ पॉलिसियां स्वामी-ड्राइवर के लिए व्यक्तिगत दुर्घटना कवर देती हैं, वहीं थर्ड-पार्टी पॉलिसियां आपके वाहन द्वारा थर्ड पार्टी को पहुंचे नुकसान से उपजी कानूनी देनदारियों मात्र को कवर करती हैं

हालांकि, अधिकांश पॉलिसियां घिसाव और टूट-फूट से होने वाले नुकसान को कवर नहीं करती हैं। रेगुल पॉलिसियों में भौतिक खराबियों को भी कवर नहीं किया जाता है। टायर पंक्चर, रोडसाइड सहायता, टोइंग आदि कुछ ऐसी परिस्थितियां हैं जो कार स्वामियों के सामने आती रहती हैं। इसी प्रकार, इंजन फ़ेल हो जाने को भी कवर नहीं किया जाता है औऱ व्यक्तिगत दुर्घटना कवर आपके यात्रियों, या काम पर रखे गए ड्राइवर के लिए लागू नहीं होता है

इन अपवर्जनों को देखते हुए, आपके स्टेंडर्ड मोटर कवर में निम्नांकित एड-ऑन जोड़ने पर विचार करना समझदारी का कार्य होगा

 

1शून्य अवमूल्यन

कॉम्प्रिहेंसिव मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी में बदले जाने वाले पुर्जों की अवमूल्यित (डेप्रिकेटेड) कीमत को हिसाब में लिया जाता है, न कि बदलने में लगी कीमत को। इंश्योरेंस कंपनी आपके दावे से कटौती करती है, जिससे लागत का उल्लेखनीय अंश आपको अपनी जेब से खर्च करना पड़ता है। यहीं आकर शून्य अवमूल्यन (ज़ीरो डेप्रिसिएशन) कवर से मदद मिलती है

इससे सुनिश्चित होता है कि आपको अवमूल्यन के बावजूद व्यापक कवर मिले। इसका अर्थ है कि यदि आपकी कार किसी दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हो जाती है तो इंश्योरेंस कंपनी को संपूर्ण लागत वहन करनी होगी। नए ड्राइवरों के लिए सुझाया जाने वाला यह कवर तीन से पाँच वर्ष पुराने वाहनों के लिए उपलब्ध है, और पॉलिसी अवधि में अधिकतम दो दावे किए जा सकते हैं

 

2.रिटर्न टू इनवॉइस

आपके वाहन की संपूर्ण हानि या चोरी के मामले में, कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस पॉलिसी केवल उसका बीमित घोषित मूल्य (इंश्योर्ड डिक्लेयर्ड वैल्यू, आईडीवी) ही कवर करती है। आईडीवी कार की मौजूदा बाजार कीमत होती है जिसमें अवमूल्यन शामिल होता है। ऐसे मामलों में, रिटर्न टू इनवॉइस कवर लाभकारी सिद्ध हो सकता है

यह एड-ऑन संपूर्ण हानि के मामले में वाहन के आईडीवी और मूल खरीद कीमत के बीच का अंतर कवर करता है। यदि कार का वही मॉडल बाजार में कम कीमत पर उपलब्ध है, तो वह कम कीमत ही आधार मानी जाएगी। चोरी बहुल इलाकों में रहने वालों के लिए रिटर्न टू इनवॉइस कवर का बहुत सुझाव दिया जाता है। हालांकि यह आयातित मोटरवाहनों पर लागू नहीं है, और यह तीन वर्ष तक पुराने वाहनों के लिए उपलब्ध है

 

3.इंजन सुरक्षा

आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी दुर्घटना के कारण इंजन को पहुंचे नुकसान को कवर कर सकती है। पर अन्य कारकों, जैसे बारिश, बाढ़ आदि से इंजन को पहुंचे नुकसान को कवर नहीं किया जाता है। इंजन आपके वाहन का सबसे महंगा घटक है, इसलिए इंजन की मरम्मत भी महंगी होती है

इंजन सुरक्षा एड-ऑन आमतौर पर पानी घुसने, हायड्रोस्टेटिक लॉक, तेल रिसाव और गियरबॉक्स क्षति आदि के कारण हुए नुकसान की लागत कवर करता है। यह नए, महंगे वाहनों के लिए और बाढ़ बहुल इलाकों में रहने वालों के लिए आदर्श है। यह एड-ऑन हालांकि नियमित घिसाव और टूट-फूट या लापरवाही के कारण हुए नुकसान पर लागू नहीं है

 

4.एनसीबी सुरक्षा

आमतौर पर इंश्योरेंस प्रीमियम हर वर्ष बढ़ते जाते हैं। पर नो-क्लेम-बोनस (एनसीबी) एड-ऑन से, प्रीमियम घटाया जा सकता है। एनसीबी ऐसे ग्राहक को दिया जाता है जिसने पिछले वर्ष कोई क्लेम न किया हो, इसके लिए उसे देय प्रीमियम पर 20-50% की छूट दी जाती है। एनसीबी दावे आमतौर पर पॉलिसी के पहले नवीकरण पर 20% से शुरू होते हैं, और हर दावा-मुक्त वर्ष यह छूट बढ़ती जाती है जो पाँच वर्ष पूरे होने पर 50% पर जाकर रुक जाती है

एनसीबी सुरक्षा पॉलिसीधारक को कवर करती है, न कि वाहन को। इसका अर्थ है कि नई कार लेने या नई इंश्योरेंस कंपनी चुनने के बाद भी आप अपना एनसीबी कायम रख सकते हैं। हालांकि, पॉलिसीधारक की मृत्यु होने पर कार के कानूनी वारिस को छोड़कर, पॉलिसी अन्य किसी व्यक्ति को हस्तांतरित नहीं की जा सकती है। यदि कोई दावा किया गया है जिसमें इंश्योरेंस कंपनी ने भुगतान किया हो, तो नो-क्लेम-बोनस ख़त्म हो जाता है

 

समझदार बनें, पूरी सुरक्षा हासिल करें

संभव है कि असाधारण आकस्मिकताओं के दौरान कॉम्प्रिहेंसिव मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी आपके वित्तीय हितों की सुरक्षा करने के लिए पर्याप्त सिद्ध न हो। आपकी जेब से होने वाला खर्चा न्यूनतम हो यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी पॉलिसी की कवरेज को एड-ऑन्स की मदद से अधिकतम करें

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