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2019: नए साल में आपके व्यवसाय के लिए क्या संभावनाएं हैं

नया साल बस आने ही वाला है। जहां इस साल में कई महत्त्वपूर्ण विकास हुए हैं, और भारत की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंक 2017 में 100 से सुधरकर इस साल 77 पर पहुंच गई है, वहीं 2019 व्यावसायिकों के लिए नई चुनौतियां लेकर आने वाला है।ऐसे वर्ष में, जबकि देश में केंद्र मेंएक नई सरकार चुनी जानी है, बाज़ारों में इसे लेकर कुछ गहमागहमी है

चुनाव वाले वर्ष आमतौर से बाज़ारों के लिए कुछ अस्थिर रहते हैं, और कुछऐसी बातों पर प्रकाश डालना इस लेख का उद्‌देश्य है, जो एक व्यावसायिक मालिक के रूप में आप आने वाले साल में देख सकते हैं

 

1. अंतरिम बजट में उद्यमियों को लुभाने वालीघोषणाएं हो सकती हैं

देश में आम चुनावों से पहले, मौजूदा सरकार 1 फरवरी, 2019 को अंतरिम बजट पेश करेगी। हालांकि बजट की विषयवस्तु को अभी अंतिमरूप दिया जाना है, लेकिनऐसा माना जा रहा है कि उद्यमियों और व्यावसायिक वर्ग को खुश करने के लिए सरकार कराधान संबंधी व अन्य नीतियांघोषित कर सकती है

उदाहरण के लिए, 2018 के केंद्रीय बजट में सरकार ने 250 करोड़ रूपए तक के टर्नओवर वाली कंपनियों के लिए कंपनी कर को पूर्ववर्ती 30% से घटाकर 25% कर दिया था। इससे उन छोटे और मंझोले आकार के उद्यमों (SME) को बड़ा बल मिला, जो विमुद्रीकरण तथा GST की दोहरी मार सहन कर रहे थे

 

2. आंतरिक और बाहरी कारकों की स्थिरता के कारण घरेलू मांग जोर पकड़ सकती है

अनेक आंतरिक और बाहरी कारणों, जैसे कि कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों, रूपए के अवमूल्यन, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो दर सख्त किया जाना, तथा अमेरिका (US) व चीन के बीच व्यापारिकयुद्ध के कारण माल और सेवाओं कीघरेलू मांग पर काफी असर पड़ा है

इन सभी कारणों से बाज़ार प्रवृत्तियों पर नकारात्मक असर पड़ा, जिससे मांग कम हो गई। हालांकि इन चीज़ों में धीरे-धीरे स्थिरता आने के साथ, आप आगामी वर्ष में मांग बढ़ने की उम्मीद कर सकते हैं

 

3. धीमी आर्थिक वृद्धि के कारण तरलता की कमी लंबे समय तक बनी रह सकती है

वैश्विक क्रेडिट रेटिंगएजेंसी मूडीज ने 2019 में भारत की आर्थिक वृद्धि गिरावट के साथ 7.3%रहने का अनुमान व्यक्त किया है। जहां 2018-19 की प्रथम तिमाही में देश की आर्थिक वृद्धि 8.2% की दर से बढ़ी, वहीं सितम्बर वाली तिमाही मेंयह वृद्धि 7.1% रही। मूडीज द्वारा 2019 में अर्थव्यवस्था में 7.3% के अनुमान के साथ, तरलता की कमी लंबे समय तक बनी रह सकती है, खासतौर से गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थाओं के लिए

जहां ये संस्थाएं, ऋण क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, वहीं छोटे और मध्यम आकार के व्यवसायिकों हेतु फंड प्राप्त करना कुछ मुश्किल भरा हो सकता है। हालांकि सिस्टम में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) की तादाद बढ़ने के साथ, एक व्यवसाय मालिक केरूप में आपके पास अपने लिए ढेरों विकल्प उपलब्ध होंगे। आपकी तरलता संबंधी ज़रूरतें पूरी करने के लिए अनेक पेशकशों के साथ (NBFCs) ने वित्त प्राप्त करना अपेक्षाकृत आसान बना दिया है

आप रिलायंस मनी से व्यावसायिक विस्तार ऋण के माध्यम से आसानी से वित्त प्राप्त कर सकते हैं। निधियों के नए प्रवाह के साथ आप आगामी वर्ष की अस्थिरताओं का बेहतर सामना कर पाएंगे

 

2019 - एक रोचक वर्ष

मुख्य रूप से आम चुनावों की वजह से 2019, व्यावसायिकों के लिए एक रोचक वर्ष बनने वाला है। चुनावी वर्ष आमतौर से अस्थिरता भरा होता है, लेकिन इसके साथ ही निर्वाचित सरकार व्यावसायिक समुदाय की ज़रूरतों और आकांक्षाओं का भी ख्याल रखना सुनिश्चित करती है