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मानव संसाधन संगठन की एक महत्वपूर्ण परिसंपत्ति होता है. एमएसएमई कम लागत वाली प्रौद्योगिकी पर संचालन करते हैं और वे उत्पादन प्रक्रिया में सभी प्रचालनों के लिए अपने कार्यबल पर अत्यधिक निर्भर करते हैं. एमएसएमई बताते हैं कि कुशल और अकुशल, दोनों तरह के कर्मियों की उपलब्धता एक समस्या है. इसलिए, यूनिट में उन्हें लंबे समय तक रोके रखना सुनिश्चित करने वाले उपयुक्त सिस्टम आरंभ करना महत्वपूर्ण है.

एमएसएमई द्वारा मानव संसाधन के प्रबंधन के कुछ सरल व महत्वपूर्ण सुझा इस प्रकार हैं

 

1. सम्मान

महीने के स्टार / सर्वोत्तम परफ़ॉर्मर का नाम व तस्वीर नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करें. हर महीने की शुरूआत में किसी कर्मी/स्टाफ़ को स्टार परफ़ॉर्मर के रूप में प्रदर्शित करने से उसे गर्व की अनुभूति होती है और अच्छा कार्य जारी रखने की प्रेरणा मिलती है. .

 

2. वेतन वितरण

महीने के अंत में वित्तीय समस्या से बचाने के लिए कर्मियों को माह में दो बार वेतन वितरित करें, विशेष रूप से अन्य राज्यों से आए प्रवासी कर्मियों के मामले में. ऐसा इसलिए है क्योंकि कर्मी आमतौर पर अपने पैतृक स्थान पर बसे अपने अपने परिवार को पैसे भेजते हैं जिससे वे बमुश्किल गुजारा करने वाली स्थिति में आ जाते हैं, और वे स्वामी से एडवांस मांगना शुरू कर सकते हैं. ऐसी स्थिति से बचने के लिए, प्रबंधक/स्वामी उन्हें दो सप्ताह के अंतराल पर भुगतान कर सकते हैं, वह भी सप्ताह के अन्य दिनों की बजाए शनिवार को, ताकि सोमवार को कम उपस्थिति से बचा जा सके.

3. पूर्ण उपस्थिति के लिए प्रोत्साहन

ऐसा देखा गया है कि कर्मी उपक्रम से अतिरिक्त पैसे कमाने के सभी संभव रास्तों की तलाश करते हैं. इसलिए, यदि किसी कर्मी ने पूरे महीने एक भी छुट्टी नहीं ली है तो उसे ‘एक दिन’ का वेतन अतिरिक्त देने से दूसरे कर्मियों को नियमित रूप से काम पर आने की प्रेरणा मिलेगी. साथ ही, कंपनी अन्य अमौद्रिक प्रोत्साहन जैसे महीने का राशन देने पर भी विचार कर सकती है. उदाहरण के लिए, भारतीय बाजारों में चावल की कीमत रु. 30 प्रति किग्रा है और आटे की कीमत रु. 20 प्रति किग्रा है. नियोक्ता कर्मियों को 3 किग्रा चावल और 3 किग्रा आटा वितरित कर सकता है, इसकी लागत लगभग रु 150 आएगी जो कर्मी के दैनिक वेतन के लगभग बराबर होगी. इस प्रकार के पुरस्कार कर्मियों को पैसे बचाने और एडवांस की मांग करने से बचने में मददगार होते हैं.

 

4. लंबे समय तक जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहन

अकसर कर्मी जरा सा भी अधिक वेतन पाने का मौका मिलते ही वर्तमान नियोक्ता को छोड़ जाते हैं. यदि कोई कर्मी किसी यूनिट में 2-3 वर्ष की सेवा सफलतापूर्वक पूरी कर ले, तो उसे प्रोत्साहन के रूप में एक माह का वेतन दिया जा सकता है. इससे कर्मी को कम-से-कम दो और सालों तक रोके रखने में मदद मिल सकती है और इससे पदत्याग दर घटेगी

 

5. छुट्टी पर अतिरिक्त कार्य के लिए लाभ

यदि कार्यभार अधिक है और कर्मियों को किसी राष्ट्रीय अवकाश पर कार्य करना पड़ा है, तो उन्हें मुफ्त भोजन और अतिरिक्त वेतन देने से कर्मी छुट्टी होने के बावजूद काम पर आने के लिए प्रेरित होंगे.

 

6. कौशल विकास

कर्मियों के कौशल विकास के लिए आंतरिक सुपरवाइज़र और बाहरी विशेषज्ञ के जरिए कर्मियों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करें. कंपनी द्वारा कौशल विकास में निवेश करने से जहां एक ओर कंपनी को सीधा लाभ होता है वहीं दूसरी ओर कर्मी भी यह सोचकर प्रेरित होता है कि नियोक्ता अपने कर्मियों/कर्मचारियों के कौशल विकास को लेकर चिंता करता है. .

 

7. विशेष दिवस मनाना

कार्यस्थल पर विशेष दिन, जैसे कर्मियों के जन्मदिन मनाए जा सकते हैं. महत्वपूर्ण त्योहारों जैसे होली, दीपावली आदि पर भी छोटा सा जश्न मनाया जा सकता है.

 

8. परिवार के प्रति चिंता

जब भी कभी कोई कर्मी अपने गाँव जा रहा हो तो उसके परिवार के लिए कुछ उपयोगी उपहार दिए जा सकते हैं, जैसे यदि कर्मी ऐसे गाँव से है जहां बिजली की उपलब्धता की समस्या है तो उसे सोलर लालटेन दी जा सकती है

9. स्वच्छ कार्यस्थल और स्वास्थ्य व सुरक्षा संबंधी उपाय

जब भी कभी कोई कर्मी अपने गाँव जा रहा हो तो उसके परिवार के लिए कुछ उपयोगी उपहार दिए जा सकते हैं, जैसे यदि कर्मी ऐसे गाँव से है जहां बिजली की उपलब्धता की समस्या है तो उसे सोलर लालटेन दी जा सकती है

10. स्थानीय उद्योग संघ और स्थानीय ईएसआई अस्पतालों के सहयोग के साथ कर्मियों के लिए स्वास्थ्य शिविर का आयोजन करना. इससे कर्मी/कर्मचारी यह सोच कर प्रेरित होंगे कि स्वामी और संघ उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता करते हैं, इससे वे कार्यस्थल और घर, दोनों जगह स्वच्छ स्थितियां सुनिश्चित करने के लिए भी प्रोत्साहित होंगे.